मिर्जापुर। जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. अनिल ओझा बृहस्पतिवार को विभाग की टीम के साथ जिला कारागार में बंदियों के बीच समय-समय पर लगाए जाने वाले टीबी, एचआइवी, सिफलिस आदि की जांच के लिए लगने वाले शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान कुल 79 बंदियों की जांच की गई। जिसमें एक टीबी का संदिग्ध मरीज मिला। उसे बलगम की जांच के लिए ट्यूब उपलब्ध कराया गया।
डाॅ. अनिल ने जेल में स्थित अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद बंदियों को एचआईवी व टीबी रोग के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि इलाज संबंधी कोई भी समस्या पैदा होने पर जेल प्रशासन अथवा अस्पताल के माध्यम से सूचना दें। ताकि समस्या का अविलंब समाधान किया जा सके। क्षय रोग विभाग के जिला समन्वयक सतीश शंकर यादव ने बंदियों को टीबी लक्षण की जानकारी दी। साथ ही टीबी मरीज को सरकारी स्तर से उफलब्ध कराए जा रहे मुफ्त जांच, इलाज आदि की सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाज की अवधि में मरीज के खाते में 500 रुपये प्रति माह भेजे जाते हैं। कन्हैया यादव ने बंदियों को एचआईवी के लक्षण व इससे बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अवध बिहारी कुशवाहा, अखिलेश पांडे, संपत्ति राम, अजय कुमार, रामजीत, मनीष जायसवाल आदि मौजूद रहे।