जिले के किसानाें को पहले कोहरे की और अब बारिश की मार झेलनी पड़ रही है। शनिवार और रविवार को मौसम का मिजाज बदलने से खेतों में खड़ी गेहूं सहित अगैती टमाटर एवं मिर्च सहित अन्य फसल चौपट होने के कगार पर है। ब्लाक राजगढ़ में जहां एक ओर टमाटर की खेती पर बुरा असर पड़ा है, वहीं सीखड़ ब्लाक में होने वाले मिर्च की खेेती भी बर्बादी की कगार पर है।
भगवान इंद्रदेव के प्रकोप का असर जनपद के किसानाें पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। किसानाें ने कर्ज लेकर अपने खेतों में गेहूं सहित अगैती सब्जियाें की फसलें बोई थीं, लेकिन मौसम की मार के चलते उनका सब कुछ उनके सामने ही बर्बाद होता दिख रहा है।
तेज हवा और बारिश से जहां एक ओर गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर लेट गई है, वहीं अलसी, मसूर, सरसों, टमाटर, मिर्च, लहसुन, प्याज के पौधे चौपट होने होने लगे हैं। अरहर में लगे फूल सहित आम के बौर और महुआ के फूल भी सूखते चले जा रहे हैं। बारिश से अगैती किस्म की फसलों पर झुलसा सहित विभिन्न प्रकार के रोग भी लग रहे हैं।
राजगढ़ के दरवान, चौखड़ा, पड़रवा, सेमरा बरहो, खटखरिया, हिनौती में प्रकृति के कहर के चलते करीब 20 एकड़ टमाटर की अगैती फसल बर्बाद हो रही है। किसान राजेंद्र, रामा पाठक, रमेश चौधरी, राधेश्याम बिंद, जगदीश कुशवाहा, बिहारी बिंद, रामअधीन आदि का कहना है कि मौसम खराब से गेहूं , टमाटर सहित अगैती सब्जियों की फसल पर ग्रहण लग गया है। किसानाें ने बताया कि किसी तरह से कर्ज लेकर खेती-किसानी की गई थी, अगर सरकारी सहायता नहीं मिली तो किसानाें को आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा। साथ ही और कर्ज में डूब जाएंगे।