बेसिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री कैलास चौरसिया ने सोमवार को नटवां में 220 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण किया। उपकेंद्र के चालू होने से मिर्जापुर के अलावा इलाहाबाद और भदोही जिले को भी बिजली संकट से राहत मिलेगी।
22.66 करोड़ रुपये की लागत से बने इस उपकेंद्र को ओबरा से 81 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसमें से 21 मेगावाट विद्युत आपूर्ति मिर्जापुर को दी जा रही है। शेष 60 मेगावाट रीवां रोड होते हुए इलाहाबाद जनपद को आपूर्ति की जाएगी।
इस दौरान राज्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की स्वीकृति काफी पहले हो चुकी थी। 26 वर्ष पूर्व प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए भूमि का भी चयन कर लिया गया था।
इस बीच किसी कारणवश निर्माण रुक गया था। काफी प्रयास के बाद वर्ष 2003 में परियोजना का निर्माण शुरू हुआ और आज यह विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया। इस परियोजना के चालू होने से जनपद में विद्युत आपूर्ति सुधार होगा। लोगाें को लो वोल्टेज के संकट से निजात मिल जाएगा।
वर्ष 2016 तक लोगों को 24 घंटे बिजली मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 तक नगर पालिका की सभी सड़काें की मरम्मत करा दिया जाएगा। जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन ने जनपदाें के विकास के लिए सभी क्षेत्राें में एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को यह विद्युत उपकेंद्र जनपद को एक बड़े सौगात के रूप में प्राप्त हुआ है। आज के युग में बिना बिजली के क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने सोलर ऊर्जा का निर्माण भी जल्द कराने की बात कही।
जनपद में 50 मेगावाट की सोलर प्लांट से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र तिवारी ने बताया कि नटवां के इस प्रोजेक्ट से अभी एक 100 केवी का ट्रांसफार्मर चलाया जा रहा है। एक माह बाद दूसरा ट्रांसफार्मर भी 100 केवी का चालू हो जाएगा, जिससे जनपद के विद्युत व्यवस्था में और सुधार आएगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह यादव, अधीक्षण अभियंता चंद्र विशाल के अलावा जवाहर मौर्या, प्रभात पटेल, डा. अरविंद श्रीवास्तव, इंद्रजीत पांडेय, संजय चौरसिया, अशोक यादव, गुलाब यादव आदि मौजूद रहे।