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खोवा में प्राय: होती है आलू व शकरकंद की मिलावट

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मिर्जापुर। अब होली का त्योहार निकट है। बाजार में एक बार फिर से जांच एजेंसियां सक्रिय होंगी और खाद्य पदार्थ विशेषकर मिठाई की सैंपलिंग कर कार्रवाई करेंगी। इस सीजन में विशेषकर खोवा में ही अधिक मिलावट होती है।
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खोवे में मिलावट के बारे में जानकारी देते हुए जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि खोवा में आमतौर पर आलू या शकरकंद की मिलावट होती है। पहचान के लिए इसमें जब आयोडीन साल्यूशन मिलाया जाता है तो बैंगनी रंग का हो जाता है। आमतौर पर त्योहारों के सीजन में ही अभियान चलाया जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन सीजनों में ही मिलावट की अधिक आशंका होती है। वैसे तो अभियान वर्ष भर चलाया जाता है। लेकिन त्योहारी के समय अभियान की आवृत्ति बढ़ जाती है। अधिक लाभ की आशा में व्यापारी नकली सामान तक बेचने और खरीदने लग जाते हैं। विभाग के अभिहीत अधिकारी एके सिंह ने बताया कि वर्ष 2020-2021 में जनवरी तक एक सौ 20 सैंपलिंग की गई थी। इसमें 95 की रिपोर्ट आई थी जिसमें 38 मामलों में मिलावट पाई गई थी। इसके ऊपर एडीएम के निर्देश पर 11 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। होली के त्यौहार को देखते हुए जांच अभियान में तेजी लाई जाएगी।
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