विंध्यधाम क्षेत्र के गंगा घाटों पर फैली गंदगी और कीचड़ के चलते भक्तों को स्नान करने में असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है। गंगा घाटों पर स्नान-ध्यान करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं। लेकिन घाटों पर फैली गंदगी के बीच ही वे गंगा में डुबकी लगाने को विवश हैं। घाटों पर साफ-सफाई के साथ ही प्रकाश व पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से भक्तों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि पिछले जुलाई माह में जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद गंगा घाटों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। पक्काघाट पहुंचे जिलाधिकारी ने निर्देश दिया था कि काशी और मथुरा की तर्ज पर गंगा घाटों की नियमित सफाई होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। विगत दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद अचानक घट जाने पर घाटों पर मलबा व कीचड़ फैला हुआ है, जिससे स्नान करने में भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसी भी घाट पर नहाने के बाद कपड़े बदलने की व्यवस्था भी नही है, जिससे महिलाओं को काफी परेशानी होती है। स्थाई रूप से सिर्फ पक्काघाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए स्थान है, लेकिन वह स्थान भी मलबे से पट गया है। घाटों पर न तो बैरिकेडिंग की व्यवस्था है और न ही प्रकाश की। दीवानघाट, इमलीघाट, अखाड़ाघाट और गुदाराघाट पर फिसलन व दलदल होने से स्नान करने से स्नानार्थी कतराने लगे हैं। उनको हमेशा फिसलने का डर लगा रहता है। शाम के समय गंगा घाटों पर अंधेरा पसरा होने के कारण चोर-उचक्के भी सक्रिय हो गए हैं। भक्तजनों के साथ चोरी-छिनैती की घटनाएं भी होती रहती हैं।