मिर्जापुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बीते रविवार को अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़े जाने के बाद पुलिस अब उनके बिहार और प्रयागराज कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस और एसओजी की टीमें बिहार और प्रयागराज के ठगों की तलाश में निकली हैं।
पुलिस का कहना है कि छानबीन में जो तथ्य सामने आए हैं, उससे पूर्व की परीक्षा में ठगी किए जाने तथा अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। परीक्षा में ठगी करने वालों के साथ पुलिस साॅल्वर गैंग के चिह्नित लोगों की भी तलाश में जुटी है। ताकि आने वाले समय में जिले में होने वाली परीक्षा को सकुशल संपन्न कराया जा सके। जिले के 14 केंद्रों में 23 अगस्त से लगातार तीन दिन तक पुलिस भर्ती परीक्षा हुई। जिले में पिछली बार संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में कटरा कोतवाली क्षेत्र में फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर ठगी करने वाले पकड़े गए थे। पुलिस सॉल्वर गैंग की तलाश में जुटी तो जिगना थाना क्षेत्र के रहने वाले लोगों से भी कनेक्शन जुड़ा होने का मामला सामने आया। उधर, इस बार जब पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू होनी थी तो पुलिस पहले से ही सक्रिय रही। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के निर्देश पर पुलिस की टीमें मिर्जापुर के अलावा अन्य जिलों के नकल कराने और साॅल्वर गैंग से जुड़े लोगों को चिह्नित कर छानबीन में जुटी थीं। इसी बीच देहात कोतवाली पुलिस ने 24 अगस्त को चार लोगों को पकड़ा, जो अभ्यर्थी होते हुए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर ठगी करने का काम करते थे। आरोपियों के खिलाप मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उनका चालान कर दिया। इस बीच चारो आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को उनके कनेक्शन बिहार के पटना और प्रयागराज जिले के ठगों से जुड़े होने की जानकारी मिली। उनके सहयोग से आरोपी फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का काम करते थे। पुलिस पकड़े गए लोगों पर कार्रवाई करने के बाद अब उनके प्रयागराज और बिहार के कनेक्शन से जुड़े ठगों की तलाश में जुटी है। ठगों के मोबाइल फोन में मिले चैट से पुलिस को उम्मीद है कि पूर्व में हुई कई परीक्षा में ठगी किए जाने के मामले से पर्दा उठ सकता है। इसके अलावा दो दिन के बचे पुलिस भर्ती परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भी एसओजी, सर्विलांस और पुलिस की टीमें छानबीन में जुटी हैं। एएसपी सिटी नितेश सिंह का कहना है कि फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर ठगी करने वाले जो लोग पकड़े गए हैं, उनके मोबाइल फोन से मिले डेटा के आधार पर प्रयागराज और बिहार के कनेक्शन की जांच की जा रही है। ताकि पूर्व में हुई परीक्षा में ठगी के मामले का पता चल सके। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए टीमें लगाई गई हैं।