मड़िहान निवासिनी महिला से हुए गैंगरेप के मामले को पीएमओ ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेज कर पूरे मामले की जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
इस क्रम में डीजीपी ने एएसपी लोक शिकायत लखनऊ को पत्र लिखकर कार्रवाई कराकर रिपोर्ट देने को कहा है।
मड़िहान निवासिनी आदिवासी महिला के साथ हुए गैंगरेप का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है।
ढुलमुल रवैया अपना रही है स्थानीय पुलिस पीएमओ के पत्र के बाद अब सकते में आ गई है। आरोपियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अलावा उसके पास अब और कोई चारा नहीं बचा है।
बताते चलें कि पीड़िता ने 27 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोपियाें के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की थी।
महिला का आरोप था कि उसे पटटे की जमीन दिलाने के बहाने क्षेत्र के रामबाबू पटेल, नायब दरोगा श्रीपति चौधरी, सिपाही राकेश सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल मृत्युंजय मौर्या समेेत सात लोगाें ने चार सितंबर 2013 को उसके साथ दुष्कर्म किया था।
न्यायालय के आदेश पर 20 अक्तबूर 2014 को 164 का बयान दर्ज हुआ। जानकारी होने पर आरोपी उससे सुलह समझौता कर लेने का दबाव बनाने लगे। इंकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
अपनी जान बचाने के लिए वह इधर-उधर भटक रही है। आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं होने से उनका हौसला बढ़ा हुआ है।
पीड़िता की गुहार को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ ने प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी उन्हें दें।
उनके आदेश पर डीजीपी ने अपर पुलिस लखनऊ लोक शिकायत तथा पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर दिनेश चंद्र को पत्र लिखकर आरोपियाें के खिलाफ कार्रवाई कर उसकी सूचना देने का निर्देश दिया है।