फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जताया रोष

Fri, 04 Nov 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
विज्ञापन
केंद्र सरकार के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते कांग्रेस कार्यकर्ता।
विज्ञापन
सरकार की वन रैंक वन पेंशन योजना से असंतुष्ट पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल की आत्महत्या ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस के निर्देश पर मड़िहान विधायक ललितेशपति त्रिपाठी की अध्यक्षता में कांग्रेसजनों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व सैनिक को शहीद घोषित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी सहित कांग्रेसजनों ने नगर मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश को पत्रक सौंपा। 
विज्ञापन


   मड़िहान विधायक ने कलेक्ट्रेट परिसर में बने वादी प्रतिवादी भवन का केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा लोकार्पण करने का कांग्रेसजनों ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सैनिकों के हितों की अनदेखी कर रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी ने केंद्र सरकार की नीतियों को कोसा।

धरने के दौरान माता प्रसाद दूबे, राजधर दूबे, स्वरुप सिंह, सुधाकर, रमेश तिवारी, अशोक उपाध्याय, दयाशंकर पांडेय, सतीश मिश्रा, अर्चना चौबे, अब्दुल वहीद ने भी संबोधित किया। इस दौरान शिवशंकर चौबे, इमरान खान, जुबैदा खान, मुशीर आलम, राजेंद्र, रामश्रृंगार दूबे, आकाश सोनकर, राकेेश श्रीवास्तव, अंजनीनंदन पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


 चुनारः  राहुल गांधी के साथ किए गए दुर्व्यवहार से क्षुब्ध कांग्रेसियों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस की शक्ल में चौक बाजार चौराहे पहुंच कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और जनसभा कर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। 

  जलूस का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता रामराज पटेल ने कहा कि मोदी सरकार की वन रैंक वन पेंशन योजना लागू किए जाने की झूठी घोषणा की पोल खुल गई है। पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की आत्महत्या इस बात को सिद्ध करता है कि केंद्र सरकार की कथनी व करनी में भेद है। 


  नगर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुआ दुर्व्यवहार केंद्र सरकार के इशारे पर हुआ है। जिसे पूरे देश के कांग्रेसजन बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों और झूठे वादे से जवान और किसान दोनों आत्महत्या कर रहे   हैं, जिसके लिए पूरी तरह से मोदी सरकार और उसकी नीतियां जिम्मेदार हैं। इस दौरान मंसूर अहमद, सत्यवान श्रीवास्तव, बच्चा राइन, डबलू मिश्र, राकेश सोनकर, देवी प्रसाद त्रिपाठी, अमरनाथ    निषाद सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें