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Mirzapur News: विश्व गौरेया दिवस पर घोसले के साथ लोगों ने ली सेल्फी

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मिर्जापुर। विश्व गौरेया दिवस पर विंध्याचल स्थित शेर कोठी में सामाजिक संस्था विंध्य सेवा मंच की तरफ से सेल्फी विद गौरेया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के प्रवक्ता त्रियोगी मिट्ठू मिश्र ने शेर कोठी में लकड़ी के बने घोसले में चूजों को दाना चुगाते गौरेया के साथ सेल्फी लेकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्था के सचिव रतन कुमार मिश्र के साथ कई लोगों ने गौरेया के साथ सेल्फी ली। विंध्याचल स्थित शेर कोठी में वर्ष 1990 से गौरेया को संरक्षित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य विंध्याचल शेर कोठी निवासी वीरेंद्र मिश्र के नेतृत्व में किया जा रहा है। उन्होंने ही सर्वप्रथम इस चिड़िया को बचाने की पहल की।
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रतन कुमार मिश्र ने बताया विश्व गौरेया दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को गौरेया के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। गौरेया पृथ्वी पर सबसे पुरानी पक्षी प्रजातियों में से एक है। उन्होंने बताया कि गौरेया की लुप्त होती प्रजाति और कम होती आबादी बेहद चिंता का विषय है। ऐसे में इस दिन को मनाने के बारे में सोचना वाकई गौरेया और दूसरे गायब होते पक्षियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए सराहनीय कदम है।
विश्व गौरेया दिवस पर प्रकाश डालते हुए मिट्ठू मिश्र ने बताया कि इस दिवस की शुरूआत नासिक के रहने वाले मोहम्मद दिलावर ने गौरेया पक्षी की लुप्त होती प्रजाति की सहायता करने के लिए नेचर फार एवर सोसायटी की स्थापना कर की थी। नेचर फार एवर सोसायटी ने हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाने की योजना बनाई। पहली बार साल 2010 में यह दिवस मनाया गया था। वर्ष 2010 से ही विंध्य सेवा मंच शेरकोठी में विश्व गौरेया दिवस मनाते हुए गौरेया को संरक्षित किया जा रहा है। सेल्फी विद गौरेया कार्यक्रम में तरुण गुप्ता, जगदीश श्रीमाली, अभिमन्यु सिंह, आशीष, प्रदीप अग्रवाल, मानस मिश्र, मंत्र मिश्र, सोनू कसेरा आदि मौजूद रहे।
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उधर, विश्व गौरेया दिवस पर वन विभाग की ओर से सोमवार को सभी रेंजों में गौरेया दिवस मनाया गया। रेंज अफसरों ने तालाब के किनारे गौरेया के लिए चारा डाला, वहीं जोगियाबारी स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर में प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद राज मिश्र ने गौरेया के लिए चारा औरपानी का इंतजाम किया। डीएफओ ने बताया कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में गौरेया की मुख्य भूमिका होती है।
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