जिसकी आशंका थी वही हुआ और लगातार दूसरे दिन भी विंध्य की धरा पर भूकंप के झटके महसूस होने से एक बार फिर जिले में हड़कंप मच गया। लोग घराें को छोड़कर खुले मैदान की ओर भागने लगे।
दोपहर बारह बजकर 41 मिनट पर आया जलजला लगभग दस सेकेंड तक रहा। हालांकि इस जलजले से कोई क्षति नहीं र्हुई लेकिन लोगाें में दहशत का माहौल बना रहा।
शनिवार को आए भूकंप के झटके से अभी लोग उबरे नहीं थे कि रविवार की दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर एक बार फिर जलजला आ गया। इससे घराें के टेबल, कुर्सी मेज, वाहन, समेत सामान हिलने लगे।
झटका महसूस होते ही लोग अपने घर, दफ्तर को छोड़ कर बाहर भाग निकले। सड़काें, चौराहे, चट्टी, समेत आदि स्थानाें पर इकट्ठा होकर पूरे दिन इस बात पर चर्चा करते रहे।
दस सेकेंड के भूकंप के झटक ने लोगाें को एक बार फिर दहशत में डाल दिया। लोग सहमे सहमे से रहे। जिनके मकान काफी पुराने हैं वे तो कुछ ज्यादा ही परेशान रहे।
लोग अपने घर में ही जाने से डरने लगे और कहा कि हो सकता है कि दोबारा भूकंप आए। इसलिए वह पेड़ों की छांव में चादर बिछा कर बैठ गए और देर शाम तक भूकंप आने का इंतजार करते रहे लेकिन भूकंप नहीं आया तो डरते हुए अपने अपने मकान में लौट गए।