राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा को जिंदा लोगों की बदहाली की फिक्र नहीं है और कब्रिस्तान, श्मशान को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। गुुरुवार को सिटी क्लब में मिर्जापुर से प्रत्याशी डीपी शुक्ला और छानबे के उम्मीदवार वकील सरोज के समर्थन में हुई सभा में उन्होंने कहा कि रालोद आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मुद्दों पर लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सुशासन का नारा दे रही है लेकिन बेटियों की रक्षा तक नहीं कर पा रही है। प्रदेश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए सशक्त लोकपाल का गठन कराएंगे।
हम किसानों के सवाल पर मैदान में हैं। किसानों की कोई बिरादरी नहीं होती है। किसानों को आजादी के इतने वर्षों बाद भी उनके अधिकार से वंचित रहना पड़ रहा है तो इसके पीछे एक वजह हैै कि उनकी लड़ाई ठीक से नहीं लड़ी जा सकी। चौधरी चरण सिंह जो कहते थे, वह करते थे। उन्होंने किसानों की लड़ाई लड़ी। किसानों के हित में काम किए। आज किसी को किसानों की फिक्र नहीं है। उनको खेती की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और न ही उपज का वाजिब मूल्य।
आज राजनीतिक दल केवल किसानों की बातें कर रहे हैं। उनके लिए कोई काम करने वाला नहीं है। गुजरात और राजस्थान में जल्दबाजी में भूमि अधिग्रहण कानून लागू कर दिया गया। प्रदेश में सरकार बनी तो सबसे पहले भूमि अधिग्रहण कानून बदलेंगे। हाइवे के एक-एक किलोमीटर की जमीनें सरकार के एक फैसले से सरकार ले लेती है और ऊंचें दामों पर व्यापारियों बेच देती हैं। किसान के साथ अन्याय हो रहा है।
सपा पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में लोग कह रहे हैं कि काम नहीं कांड बोलता है। मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर है। पांच साल धृतराष्ट्र की तरह आंख मूंदे रहे और बाद में कह दिया कि परिवार के लोग कर रहे थे। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य देने का आश्वासन दिया था लेकिन सरकार बनने के बाद वादे को भूल गए। इस दौरान रविंद्र सिंह पटेल, शिवशंकर पांडेय, अशोक बिंद, अंबुज पटेल, दिनेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।