एक माह पहले कलवारी माफी गांव के समीप राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव बोरी में भरा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले में आरोपियों को चिन्हित कर वन विभाग द्वारा चार के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया। अधिकारियों की विभागीय कार्रवाई से शिकारियों में खलबली मच गई। जब कि आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर विभाग पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकारी तार में करंट दौड़ाकर जंगली जानवर का शिकार करते हैं। जिससे आए दिन घटनाएं होती रही हैं। रैकरा गांव निवासी मनीजर पुत्र बंशी की फरवरी माह में हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। तार फैलाने के आरोप में तीन लोग जेल गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि शिकार पर रोक नहीं लगाया गया तो किसी समय बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। कभी कभी तो पत्थर खदानों में गिरकर जंगली जानवर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। विभागीय दबाव में बीट दरोगा लवकुश सिंह भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कलवारी माफी गांव निवासी चार लोगों पर केस तो दर्ज लिया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने से शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। इस संबंध में वनक्षेत्राधिकारी गिरीराज कुमार ने बताया कि चार लोगों पर केस हो चुका है। आरोपी फरार चल रहे हैं।