मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को संचारी रोग के नियंत्रण एवं डीएचएस, पोलियो सहित कई स्वास्थ्य योजनाओं के प्रगति के बारे में विस्तृत समीक्षा कर जानकारी ली। गत माह की समीक्षा बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेतावनी देने के बाद भी जुलाई व अगस्त में अपेक्षित प्रगति न लाने पर जिलाधिकारी ने सभी 12 एमओआईसी का वेतन रोकने का निर्देश सीएमओ को दिया। साथ ही मुख्य कोषाधिकारी को बुला कर कोषागार से वेतन आहरण न करने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में प्रभारी चिकित्साधिकारी सीखड़ व अहरौरा तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चुनार, कछवां तथा नगर पंचायत अहरौरा के बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। एमओआइसी से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सभी ग्राम पंचायतों में आशा के पास वेइंग मशीन क्रय कर उपलब्ध करायें। उन्होंने यह भी कहा कि जो आशा कार्य न कर रही है तो उनके स्थान दूसरे का चयन करने की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा सितम्बर माह में संचारी रोगों की रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय अपनाते हुये पुन: व्यापक अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि संचारी रोग के अंतर्गत मलेरिया बुखार, फाइलेरिया, डेगू बुखार, चिकनमुनिया, कालाजार बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये संचारी अभ्यिान चलाया गया है। कहा कि दो सितम्बर को सभी ग्राम पंचायतों में स्कूल के बच्चों के द्वारा रैली निकालकर लोगों को जागरूक तथा स्कूल के बच्चों को पम्पलेट वितरण जाए।उन्होंने कहा कि संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिये संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार के केसेज की निगरानी, रोगियों के उपचार की व्यवस्था, रोगियों के निशुल्क परिवहन हेतु रोगी वाहन सेवा की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियिों, मानीटरिंग, रिपोटिंग आदि व्यवस्था प्रमुख कार्य हैं। इसी प्रकार नगर की खुली नालियों को ढंकने की व्यवस्था, गलियों/नालियों के कचरों की सफाई, हैंडपंपों के पास अपशिष्ट जल के निकलने हेतु सोख्पिट तथा चारो ओर कंकरीट आदि की व्यवस्था की जाये। पशु पालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग सक्तीकरण/समाज कल्याण विभा, कृषि एवं सिंचाई विभाग तथा सूचना विभाग को प्रमुख रूप से इस अभियान को सफल बनाने के लिये शामिल किया गया है परन्तु सभी विभागों की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है कि वे स्वयं इस अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। जिलाधिकारी द्वारा पल्स पोलियो अभियान, जिला स्वास्थ्य समिति की प्रगति की भी समीक्षा की गयी। साथ ही जननी सुरक्षा अभियान में डिलीवरी की प्रगति व भुगतान आशाओं के भुगतान समय पर न होने से कडी नाराजगी व्यक्त की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी ओपी तिवारी सहित सभी स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।