मिर्जापुर। जिले में किसानों को बेचे गए धान के भुगतान को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। नेफेड और एनसीसीएफ के 27 केंद्रों में से 17 को तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा गया है। शेष 10 को भुगतान सामान्य करने के आश्वासन पर तीन दिनों की मोहलत दी गई है।
धान क्रय केंद्रों पर खरीद की स्थिति वैसे ही कम है। उस पर नेफेड व एनसीसीएफ के क्रय केंद्रों पर किसानों की भुगतान की स्थित दयनीय है। जिले में नेफेड के 15 एवं एनसीसीएफ के 12 केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन तीन सौ किसानों से 15 सौ मीट्रिक टन धान की खरीद की जा रही है। इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने ऐसे सभी केंद्रों से खरीद बंद करने को कहा था। इसका कारण इन केंद्रों पर लंबित भुगतान को बताया जा रहा है। इस आदेश पर सभी एसडीएम ने दोनों एजेंसिंयों के पांच- पांच क्रय केंद्रों को संचालित रखने को कहा गया था। एजेंसी के जिला प्रभारियों ने भी लिखित रूप से सूचना दी है कि तीन दिनों में पीएफएमएस पोर्टल पर समस्या के समाधान के बाद उनका भुगतान 10 फीसदी से बढ़कर 38 एवं 31 फीसदी हो गया है। कहा गया है कि अगले तीन दिनों में यह 80 प्रतिशत एवं अधिक भी हो सकता है। इस पर जिला प्रशासन ने नेफेड व एनसीसीएफ के पांच-पांच केंद्रों को संचालित करते हुए शेष 17 केंद्रों के कांटों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। डीएम सुशील कुमार पटेल ने चेतावनी दी है कि जो पांच- पांच केंद्र संचालित हो रहे हैं, यदि वे तीन दिनों के अंदर न्यूनतम 80 प्रतिशत का भुगतान सुनिश्चित नहीं करते हैं तो दोनों एजेंसियों के संचालित सभी 27 केंद्रों को बंद करा दिया जाएगा।
वर्जन
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कार्य किया जा रहा है। 17 केंद्र बंद करा दिए गए हैं।
- धनंजय सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी