मंडलीय अस्पताल में बने आक्सीजन प्लांट का सैंपल लेकर उसे गुंड़गांव लैब भेजा गया है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट में आक्सीजन की गुणवत्ता सही पाए जाने पर प्लांट से आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद प्लांट से अस्पतालों को आक्सीजन मिलनी शुरू हो जाएगी।
पिछले वर्ष कोविड संक्रमण के दौरान मंडलीय अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगाए जाने की योजना आई थी। मंडलीय अस्पताल में 300 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता का आक्सीजन जनरेटर स्थापित करने के लिए 30 अक्तूबर 2020 को आदेश आया था। मंडलीय अस्पताल में आक्सीजन प्लांट के लिए कमरा बनकर तैयार हो गया, पर आक्सीजन जेनरेटन मशीन नहीं लगी।
अप्रैल माह में संक्रमण की दूसरी लहर आ गई। इसमें आक्सीजन की कमी से जान जाने लगी। अमर उजाला की खबर के बाद 11 मई को आक्सीजन जनरेटर मशीन आई। दो दिन पूर्व प्लांट में आक्सीजन जनरेटर मशीन स्थापित कर दिया गया। इसके बाद कंपनी के इंजीनियर अमित यादव ने प्लांट से आक्सीजन का सैंपल निकालकर गुड़गांव लैब से आए कर्मचारी को दिया। लैब का सैंपल भेज दिया गया है। दो से तीन दिन में सैंपल आ जाएगा। जिसके बाद प्लांट से आक्सीजन आपूर्ति बहाल हो जाएगी। जिससे मंडलीय अस्पताल के मरीजों केेे सहूलियत होगी। अस्पताल प्रबंधन को भी आक्सीजन नहीं खरीदना पड़ेगा।