मिर्जापुर। रोक के बाद भी रात के समय शास्त्री पुल से रात के अंधेरे में लोडेड भारी वाहनों के गुजरने के बाबत परियोजना प्रबंधक सेतु निगम ने डीएम और एसपी को पत्र लिख, वाहनों को रोकने की मांग की। पत्र में उन्होंने बताया कि पुल से भारी वाहनों के गुजरने से भविष्य में कोई खराबी का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वांचल से जिले को जोड़ने वाला शास्त्री पुल काफी पुराना है। पत्र में परियोजना प्रबंधक ने अधिकारी द्वय को बताया कि वर्ष 1974 में इस पुल का निर्माण हुआ था, ऐसे में पुल अपनी आयु पुरी कर चुका है। बीते वर्षों में पुल के बेयरिंग में खराबी आ गई है। करोड़ों रुपये खर्च कर काफी मशक्कत के बाद पुल की मरम्मत कराई गई है। मरम्मत के बाद पुल से गुजरने वाले वाहनों और उनके वजन को निर्धारित किया गया था। इस दौरान छह चक्का ट्रक 15 टन, 10 चक्का ट्रक 24 टन, 14 चक्का 36 टन, 18 चक्का 48 टन, 22 चक्का को 60 टन भार के साथ पुल से गुजरने की अनुमति प्रदान की गई थी। लेकिन इन दिनों निर्धारित वजन से ज्यादा लोड के साथ ट्रकें शास्त्री पुल से गुजर रही। इससे पुल में पुन: खराबी आ सकती है। परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने इसकी फोटोग्राफी कराकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा, ताकि पुल से ओवर लोड वाहनों का संचालन रोका जा सकें। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल पुल में कोई खराबी नहीं है।