सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आबकारी विभाग ने शनिवार को नेशनल व स्टेट हाइवे के किनारे की 140 शराब व बियर की दूकानें बंद करा दीं। एक झटके से पीने-पिलाने के ठिकाने खत्म होने के बाद नशे के शौकीन भटकते नजर आए।
शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाले हादसों को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले साल 15 दिसंबर को हाइवे के किनारे स्थित शराब व बियर की दूकान को बंद करने का आदेश राज्य सरकार को दिया था। राज्य सरकार ने मार्च में लाइसेंस खत्म होने के बाद ऐसी दूकानों का नवीनीकरण ही नहीं किया। एक अप्रैल से दूकानें बंद हो गईं। आबकारी विभाग ने जिले में नेशनल और स्टेट हाइवे के समीप की 72 देशी और 37 अंग्रेजी शराब की दूकानें बंद करा दीं।
इसके अलावा 29 बियर की दूकानें भी बंद कराई गईं। जिनके लाइसेंस खत्म हो गए थे, उनको तो दूकानें बंद करनी ही पड़ीं, जिनके लाइसेंस की अवधि बाकी थीं, उनकी दूकानें भी बंद करा गईं। जिनके लाइसेंस अवधि बाकी थी, उनको सड़क से करीब 500 मीटर दूर दूकानें खोलने को कहा गया गया है। अब तक ऐसी 103 दूकानों को खोलवाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। उनका प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। अनुमति मिलते ही निर्धारित किए गए स्थानों पर दूकानें खुलवा दी जाएंगी।
इन दूकाने बंद होने से प्रति वर्ष शासन को करीब 55 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ेगा। इससे आबकारी विभाग की आय पर खासा असर पड़ेगा। सड़क किनारे स्थित शरब व बियर की दूकाने बंद होने से शनिवार को शराब के शौकीन भटकते रहे। नशे के लती लोगों को दो किमी तक चक्कर काटना पड़ा।