अष्टभुजा परिसर में शुद्ध पेयजल के स्थान पर लगी काई, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र मेला 21 सितंबर की मध्य रात्रि से शुरू हो रहा है। मेला शुरू होने में सिर्फ चार दिन बचे हैं। त्रिकोण यात्रा मार्ग में लगे 25 नलों में से सिर्फ दो नलों में पानी आ रहा है। 23 टोटियां सूखी हैं। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं को बोतल बंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ेगी। प्रशासनिक अधिकारी नवरात्र मेले की तैयारियों के लिए बैठक करके अपनी फर्ज अदायगी पूरी कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए न तो सड़कें ठीक की गईं न स्ट्रीट लाइट बदली गईं। श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
दस में से आठ हैंडपंप खराब, दो में आ रहा दूषित पानी
त्रिकोण यात्रा मार्ग में लगे 10 में से आठ हैंडपंप खराब हैं। दो में दूषित पानी आ रहा है। हैंडपंप रिबोर भी नहीं किए गए हैं। नवरात्र मेले की तैयारी के नाम पर जिला पंचायत राज विभाग के कुछ सफाईकर्मी सड़क की पटरियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते जरूर दिखे। लेकिन अन्य विभागों में नवरात्र मेले की कोई सरगर्मी नहीं दिख रही है। हाल यही रहा तो श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ेगा।
कालीखोह और अष्टभुजा मार्ग बह रहा सीवर का पानी
कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर जाने वाली सड़क पर समुचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से घर और दुकानों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। नवरात्र से पहले इसे बंद कराया गया तो श्रद्धालुओं को गंदे पानी के बीच से होकर यात्रा पूरी करनी पड़ेगी।
लटकते बिजली तार बन सकते हैं हादसे का कारण
अष्टभुजा और कालीखोह धाम जाने वाले रास्ते में कई जगहों पर लटकते बिजली के तार हादसे का कारण बन सकते हैं। कई जगह पर तो कटे बिजली के तार जमीन छू रहे हैं। मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। त्रिकोण यात्रा के दौरान भोजन बनाते हैं। ऐसे में यदि बिजली निगम की ओर से सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है।