अक्षय तृतीया तिथि पर जिले के आभूषण बाजार देर शाम तक गुलजार रहे। ज्वैलर्स की दूकानों पर पहुंचे ग्राहकों ने शुभ मान कर अपने बजट के अनुसार स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी की। लगन की समाप्ति के बाद भी दूकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा, जबकि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सोने के दाम में दो हजार रुपये प्रति दस ग्राम वृद्धि हुई है।
अक्षय तृतीया के पावन तिथि पर नगर के प्रमुख स्वर्ण आभूषण बाजारों में देर शाम तक चहल-पहल का माहौल बना रहा। स्वर्ण व्यवसायियों का मानना है कि अक्षय तृतीया की खरीदारी पर विगत माह चल रहे हड़ताल का कोई असर नहीं है। ग्राहक दूकानों पर पहुंच कर अपने मनपसंद के गहनों की खरीदारी करते रहे, हालांकि सोने के रेट बढ़ने एवं लगन के समाप्त होने का आभूषण बाजार पर थोड़ा बहुत असर देखने को जरूर मिला।
अक्षय तृतीया पर सोना अर्नामेंट 28900 प्रति दस ग्राम के हिसाब से बिका, वहीं पिछले वर्ष अक्षय तृतीया पर सोने का भाव 27 हजार रुपये प्रति दस ग्राम रहा। अक्षय तृतीया पर सुबह से दोपहर तक आभूषणों की दूकानों पर ग्राहक नजर ही नहीं आए, लेकिन सूर्यास्त के बाद से देर शाम तक दूकानों पर स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी करने के लिए ग्राहकों का तांता लगा रहा।
आभूषण की दूकानों पर पहुंची महिलाओं ने सोने के रिंग, हार, लाकेट, मंगलसूत्र, नथिया, बाली, झुमका, टप्स, कंगन, चूड़ी आदि की खरीदारी की, वहीं पुरुषों ने भी अपने बजट के अनुरूप रिंग, सिकड़ी, ब्रेसलेट आदि की खरीदारी की। नगर के बसनही बाजार, गणेशगंज, धुंधी कटरा, चौबेटोला, टटहाई रोड सहित अन्य बाजारों में स्थित आभूषणों की दूकानों पर ग्राहक डटे रहे।
नगर के बसनही बाजार स्थित धीरज ज्वेलर्स के अधिष्ठाता धीरज अग्रवाल ने बताया कि अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के गहनों की सामान्य रूप में बिक्री हुई, ग्राहकों ने खरीदारी तो की, लेकिन अपने बजट के अनुसार। बाजार पर लगन के न होने सहित मंहगाई एवं प्रचंड गर्मी का भी असर रहा, जिससे अपेक्षा के अनुरूप बिक्री नहीं हुई। स्वर्ण आभूषणों का व्यवसाय पिछले वर्ष की तुलना में औसत रहा।