लालगंज में श्रीमद् भागवत कथा सुनाते व्यास हरिहर महाराज , स्रोत संवाद
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- उसरी पांडेय में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन
लालगंज। क्षेत्र के ग्राम उसरी पांडेय में बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का वृत्तांत सुनाया गया। कथा व्यास हरिहर महाराज ने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म का अंधकार बढ़ता है, तब-तब परमात्मा का अवतार होता है। कारागार की बेड़ियों का स्वतः टूट जाना और पहरेदारों का सो जाना इस बात का संकेत है कि भक्ति के मार्ग में सांसारिक बाधाएं कभी टिक नहीं पातीं। श्रीकृष्ण के जन्म पर श्रद्धालुओं ने सोहर गाया और बधाईयां दी।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग विस्तार से सुनाया गया। कथा व्यास ने प्रसंग की शुरुआत करते हुए कंस के अत्याचारों, देवकी-वासुदेव के विवाह और आकाशवाणी के वृत्तांत का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कंस ने काल के डर से अपनी ही बहन को बंदी बनाया, लेकिन विधाता के विधान को कोई टाल नहीं सका। आधी रात को जब रोहिणी नक्षत्र में भगवान का प्राकट्य हुआ, तो समूचा वातावरण दिव्य आभा से भर उठा। कथा के दौरान वासुदेव जी ने नन्हें कान्हा को टोकरी में रखकर उफनती यमुना पार करने के दृश्य का चित्रण किया। महाराज श्री ने बताया कि यमुना ने प्रभु के चरण पखारने के लिए अपना जल बढ़ाया और शेषनाग ने घनघोर वर्षा से रक्षा के लिए छत्र तान दिया। ग्रामीण अंचल से आई महिलाओं ने पारंपरिक सोहर और मंगल गीत गाकर खुशियां मनाईं। आरती यजमान हरिनारायण दुबे ने किया। आयोजन समिति के डॉ. दशरथ दुबे, दीनानाथ दुबे, राहुल दुबे, मनोज दुबे, विभव दुबे, शुभम दुबे, शशांक दुबे, शिव दुबे, रिद्धि व्यवस्था में लगे रहे।