मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्था में सुधार होगा। दिल्ली एम्स से ट्रेनिंग कर लौटी डाक्टर और स्टाफ नर्स की टीम के सुझाव के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल इमरजेंसी का कायाकल्प और बेहतर व्यवस्था करने में जुट गए हैं। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने 20 बेड के इमरजेंसी कक्ष निर्माण के लिए स्थान का निरीक्षण किया। उम्मीद जताई गई कि नए वर्ष से एम्स की तर्ज पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
पांच से नौ दिसंबर तक डा. दिलीप चौरसिया, डा. सुनील सिंह, स्टाफ नर्स शशिप्रभा ने एम्स दिल्ली में प्रशिक्षण लिया। जहां पर इमरजेंसी इलाज से लेकर अन्य मरीजों के उपचार के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। टीम के लौट कर आने के बाद एम्स में इमरजेंसी मरीजों के इलाज के लिए दिए गए प्रशिक्षण के बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को बताया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आरबी कमल ने एम्स की तर्ज पर मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी सुविधा को बेहतर करने के लिए डाक्टर और मैनेजर अनुज ठाकुर के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। इसमें दो से तीन स्थान को देखा गया। जहां पर बेहतर इमरजेंसी का निर्माण किया जा सके।
इसमें इमरेंसी कक्ष को तोड़कर बड़ा करने या 145 बेड के निर्माणाधीन भवन में इमरजेंसी बनाने पर विचार किया गया। प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि इमरजेंसी सेवा में बदलाव किया जाएगा। मंडलीय चिकित्सालय में 20 बेड की इमरजेंसी बनाई जाएगी। इसमें मेडिसिन, ऑर्थो और सर्जरी के डाक्टर की तैनाती रहेगी। नए वर्ष से नए इमरजेंसी को शुरु कर दिया जाएगा।