मिर्जापुर। पिछले साल डेंगू के चलते कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी और इस बार डायरिया की चपेट में आने से पिछले 10 दिनों में 10 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को राजगढ़ के कुड़ी गांव में डायरिया की चपेट में आने से 85 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। डायरिया पीड़ित दो लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। पटेहरा खुर्द गांव में भी दो नए डायरिया पीड़ित मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर, नगर क्षेत्र के नैपुरवा मोहल्ले में डायरिया के चलते तीन लोगाें की जान जाने के बाद नगर पालिका की तंद्रा टूटी। नैपुरवा मोहल्ले में नगर पालिका प्रशासन पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पुरानी पाइप लाइन को बदलवाने का काम करा रहा है। नगर क्षेत्र के नैपुररवा में जलापूर्ति की पाइप लाइन में सीवर का पानी प्रवेश कर जाने से मोहल्ले में 15 से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे। इनमें से तीन लोगों की जान भी चली गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को दवा आदि वितरित की। उधर, राजगढ़ क्षेत्र के कुड़ी, दारानगर, बघौड़ा, बार, पतेरी, सतौहा व पिपरवार गांव में डायरिया की चपेट में आने से कई लोग बीमार हो गए। कुड़ी गांव में तो अभी भी डायरिया के नए मरीज मिल रहे हैं। कुड़ी गांव की 85 वर्षीय शाखा देवी को डायरिया से हालत बिगड़ने पर बीते शनिवार को सीएचसी राजगढ़ में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया था। इस बीच मंगलवार की रात शाखा देवी की अचानक हालत बिगड़ गई और उल्टी-दस्त होने लगी। घर के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सोए हुए थे। रात का समय होने के कारण परिजनों को शाखा देवी की हालत बिगड़ने का पता नहीं चल सका। बुधवार की सुबह शाखा देवी की मौत हो गई। कुड़ी गांव की 55 वर्षीय शामा देवी तथा 29 वर्षीय सुषमा देवी की डायरिया से हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस से मंगलवार की शाम सीएचसी राजगढ़ में भर्ती कराया गया था। शामा देवी की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. पवन कश्यप ने बताया कि लोगों को दवा के साथ गर्म करके पीने तथा ताजा भोजन करने की सलाह दी गई है।
उधर, पटेहरा क्षेत्र के पटेहरा खुर्द में डायरिया फैलने के तीसरे दिन बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। टीम ने डायरिया पीड़ित सभी मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं दी। गांव में डायरिया फैलने से कई लोग बीमार हो गए थे। बुधवार को भी पीएचसी प्रभारी अभिषेक जायसवाल की देखरेख में दो डाॅक्टरों की टीम ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की जांच की। इस बीच मंगलवार की रात करीब 10 बजे सितारा (18) की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने मड़िहान सीएचसी में भर्ती कराया। बुधवार को सुबह शिवम (22) की हालत बिगड़ने पर एंवुलेंस से परिजनों ने पटेहरा पीएचसी में भर्ती कराया। प्रभारी डॉ. अभिषेक जायसवाल ने बताया कि गांव में अब डायरिया का संक्रमण रुक गया है। एसीएमओ डॉ.मुकेश कुमार का कहना है कि नगर के नैपुरवा और पटेहरा खुर्द गांव में डायरिया की चपेट में आने से बीमार लोगों के 50-50 घरों को चिह्नित कर उनको जिंक टैबलेट, क्लोरीन की गोली आदि दवाएं वितरित की गई हैं। टीमें लगातार काम कर रही हैं।