मिर्जापुर। एक परिवार के सात साल से अलग रह रहे दंपती रविवार को काउंसिलिंग के बाद साथ रहने के लिए राजी हो गए। दंपती की पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में काउंसिलिंग की गई है। इसके बाद दंपती साथ रहने के लिए राजी हो गए। काउंसिलिंग के बाद पांच दपंती साथ रहने के लिए राजी हुए।
60 वर्षीय वृद्ध की शादी हुए 35 साल से अधिक समय बीत चुका है। उनके बच्चों की शादी हो गई है, परंतु 55 वर्षीय पत्नी सात साल से मायके रह रही थी। काफी प्रयास के बाद पत्नी रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में आई। जहां उसकी काउंसिलिंग की गई। पत्नी ने बताया कि उसे डर है कि वह घर आएगी तो उसे पति मारेंगे और कमरे में बंद कर देंगे। पति ने बताया कि वह काम से आता था तो पत्नी पानी न पूछकर टीबी देखने में मगन रहती थी। इस पर परामर्श केंद्र के लोगों ने दोनों की काउंसिलिंग कर गलतफहमी दूर कराकर साथ रहने के लिए राजी किया। दूसरा मामला देहात क्षेत्र का है। जहां शादी के तीन साल बाद विवाहिता मायके में रहने लगी थी। दोनों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। विवाहिता ने बताया कि पति एक रिश्तेदारी में जाते हैं। जहां लड़की से चक्कर है। इस पर पति ने बताया कि लड़की से कोई चक्कर नहीं है। अगर पत्नी को शक है तो वह अब वहां नहीं जाएंगे। इस पर दोनों साथ रहने का वादा करते हुए रविवार के करवा चौथ मनाने की बात कहकर विदा हुए। केंद्र में अलग-अलग स्थानों से आए पांच दंपती की काउंसिलिंग कर साथ रहने के लिए राजी किया गया। इस दौरान प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र महिला उप निरीक्षक रीता यादव, महिला मुख्य आरक्षी ममता तिवारी, सावित्री यादव, सपना, सुनीता देवी, सुरेश जायसवाल, डाॅ. कृष्णा सिंह मौजूद रहीं।