वासलीगंज में स्थित आंगनबाड़ी केद्र में पढते बच्चे ।
अति कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार हौसला पोषण योजना चला रही है। जिलाधिकारी कंचन वर्मा के निर्देश पर वजन दिवस का आयोजन किया गया। बीते 15 नवंबर से पोषाहार के लिए शासन से बजट ही नहीं मिला है। जिससे जिले में योजना औंधे मुंह गिरती नजर आ रही है। वजन दिवस के दौरान जिले में ही 35 हजार 162 बच्चे अति कुपोषित मिले।
सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों की दशा सुधारने के प्रति गंभीर है, इसके लिए सरकार हौसला पोषण योजना के तहत गरम भोजन देने जा रही है। जिले में राज्यमंत्री द्वारा योजना का शुभारंभ तीन अगस्त को किया गया था। लेकिन सरकारी खामियों के चलते योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। सरकार द्वारा अगस्त, सितंबर और अक्तूबर का बजट भेजा गया था, जिसके बाद 15 नवंबर से अभी तक पोषाहार के लिए बजट ही नहीं मिला है। जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले को 12 ब्लॉकों को 64 सेक्टरों में विभाजित किया।