मिर्जापुर। लावारिस अथवा अन्य शवों को सुरक्षित रखने के लिए अब अस्पताल कर्मियों को होने वाली समस्या से परेशानी से निजात मिलने वाली है। मंडलीय अस्पताल के मोर्चरी में चार शवों को रखने के लिए नया डीप फ्रीजर आ गया है। उसे जल्द ही स्टाॅल कर दिया जाएगा। इसके बाद उसमें शव रखे जाएंगे। इससे अस्पताल में पुराने शवों से निकलने वाले दुर्गंध की समस्या से राहत मिल जाएगी।
मंडलीय अस्पताल में पीछे की ओर मोर्चरी है। जहां शव रखे जाते हैं। वहां काफी पुराना डीप फ्रीजर लगा है। जिसमें शव रखा जाता है। उसमें दो शवों को रखने की व्यवस्था थी। पिछले तीन वर्ष से डीप फ्रीजर खराब है। इसके चलते अज्ञात शव को रखने पर समस्या होती है। रात के समय अस्पताल में हादसे अथवा अन्य कारणों से मौत होने पर जिन शवों के पोस्टमार्टम होने हैं, उन्हें मोर्चरी में रखा जाता है। ज्ञात शवों का तो अगले दिन दोपहर तक पोस्टमार्टम हो जाता है, परंतु अज्ञात शव को तीन दिन रखना होता है। ऐसे में खासतौर से गर्मी के मौसम में शव से दुर्गंध आने लगती है। मोर्चरी के बगल में ही कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र है। सबसे अधिक समस्या पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के साथ मौजूद लोगों और कर्मचारियों को होती है। इसके अलावा जब तीन दिन बाद जब शव मोर्चरी से निकाला जाता है तो दुर्गंध से अन्य वार्डों में भी समस्या होती है। काफी समय से डीप फ्रीजर की मांग की जा रही थी। सांसद अनुप्रिया पटेल ने अपनी निधि से बजट जारी किया। इसमें चार शवों को रखने के लिए डीप फ्रीजर मंगाया गया है। इसे जल्द इंस्टाल कर दिया जाएगा। इसके बाद शव रखने की समस्या से निजात मिल जाएगा। सीएमओ डॉ.सीएल वर्मा का कहना है कि सांसद निधि से मिले बजट से डीप फ्रीजर मंगाया गया है। चार शवों को रखने के लिए डीप फ्रीजर आ गया है। इसे जल्द इंस्टाल कर दिया जाएगा। इससे शव रखने की समस्या से निजात मिल जाएगी। एसआईसी डॉ.तरुण सिंह का कहना है कि डीप फ्रीजर न होने से दुर्गंध की जो समस्या थी। अब उसका समाधान हो गया है। डीप फ्रीजर मंडलीय अस्पताल की मोर्चरी में लगवाया जा रहा है।