सीखड़ क्षेत्र में किसान की खेत में लगा सोलर लाइट ट्रैप- संवाद।
मिर्जापुर। सोलर लाइट ट्रैप फसलों में लगने वाले रोग की समस्या से किसानों को निजात दिलाएगा। इसके सहारे बिना कीटनाशक के छिड़काव के फसल और सब्जियों को कीटों से मुक्त कर सकेंगे। कृषि रक्षा विभाग ने भी इसके महत्व को समझते हुए इसकी डिमांड निदेशालय को भेजी थी। जो अब सभी ब्लाकों पर अनुदान पर किसानों के लिए उपलब्ध है। जिला कृषि रक्षा एवं जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने बुधवार को अपने कार्यालय में जानकारी देेते हुए बताया कि सोलर लाइट ट्रैप कीट नियंत्रण के लिए एक कारगर उपाय है। पश्चिमी यूपी के किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। जिला कृषि रक्षा एवं जिला कृषि अधिकारी ने बताया फसल सहित फल और सब्जियों में कीटनाशक का मानव सेहत पर भी दुष्प्रभाव डालता है, फसल के पोषक तत्व को खत्म करता है लेकिन अब सोलर लाइट ट्रैप की मदद से किसान कीट नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने बताया सोलर लाइट ट्रैप एक साधारण ऊंचाई का लैंप पोस्ट है। इसके ऊपर सौर पैनल फिट होता है जो धूप में चार्ज होकर रात में प्रकाश कर कीटों को अपनी तरफ आकर्षित करेगा। इसके नीचे की तरफ काफी बड़ा बॉक्स की तरह एक ट्रैप लगा रहेगा। इस टैप में पानी भरा होने के साथ डीजल की कुछ बूंद मिली होगी। कीट ट्रैप में गिरकर नष्ट हो जाएंगे।
धूप से होगा चार्ज, रात में कीटों पर करेगा चोटसोलर ट्रैप जैविक खेती के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल तरीका है। यह सौर ऊर्जा से चलने वाला उपकरण है, जो दिन में धूप से चार्ज होगा और रात होने पर, यह लाइट (अक्सर नीली या यूवी लाइट) जलने लगती है। इससे कीट आकर्षित होते हैं, जो रोशनी की ओर बढ़ते हैं और नीचे रखे पानी (जिसमें तेल या डिटर्जेंट मिला होता है) या किसी चिपकने वाले जाल में गिरकर फंस जाते हैं और मर जाते हैं।
सोलर लाइट ट्रैप समस्त कृषि रक्षा इकाइयों पर 75 प्रतिशत अनुदान पर किसानों के लिए उपलब्ध हैं। पंजीकृत किसान यांत्रिक उपाय से संबंधित उपकरण अपने नजदीकी कृषि रक्षा इकाियों से खरीदकर अपने फसलों की सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण की भी सुरक्षा कर सकते हैं।
-डॉ अवधेश कुमार यादव जिला कृषि रक्षा / जिला कृषि अधिकारी।