मंडलीय अस्पताल में हड्डी के ऑपरेशन का रास्ता साफ हो चुका है। ट्रामा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर में सी-आर्म मशीन के लग जाने से अब ऑपरेशन आसानी से हो सकेंगे। अब तक यहां मशीन के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो रहे थे।
मेडिकल कालेज के अधीन मंडलीय अस्पताल परिसर में बने ट्रामा सेंटर है। यहां हादसों या मारपीट में गंभीर रुप से घायल होकर मरीज ही आते है। अधिकांश घायल मरीजों में हड्डी के फैक्चर होते हैं। जिनका आपरेशन होना जरुरी होता है, पर ट्रामा सेंटर के आपरेशन थियेटर में हड़्डी के आपरेशन से संबंधित उपकरण नहीं थे। आॅपरेशन के लिए सी-आर्म मशीन की जरुरत महसूस की जा रही थी। जिससे ऑपरेशन में सहूलियत होती। मंडलीय अस्पताल में कई अन्य आपरेशन होते है। ऐसे में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आपरेशन के लिए समय लगता था। अब सी-आर्म मशीन आ जाने से हड्डी के फैक्चर का आॅपरेशन आसानी से हो सकेगा।
क्य है सी आर्म मशीन
ट्रामा सेंटर के नोडल डा. राजकुमार ने बताया कि सी-आर्म एक छोटी एक्स-रे मशीन है। इसके सहयोग से चिकित्सक आपरेशन करते समय अंगों के थ्री-डी चित्र देखते हैं। टूटी हड्डी को जोड़ते समय प्लेट, राड लगाने की सही स्थिति का पता लगता हैं। मशीन से यह पता लग जाता है कि स्क्रू, रॉड कहा लगाना है। सी-आर्म में एक एक्स-रे जनरेटर, एक इमेज इंटेंसिफायर या फ्लैट-पैनल डिटेक्टर और वर्कस्टेशन शामिल होता है। जिसमें नियंत्रण सेटिंग्स होती हैं। सिर्फ छोटे से चीरे से हड्डी को देखकर पूरा ऑपरेशन किया जा सकता है। इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन हो सकता है। हड़्डी के आपरेशन के साथ ही इस मशीन से पथरी का आपरेशन भी होता है। सी आकार का होने के कारण इसे सी-आर्म कहते हैं।
वर्जन
ट्रामा सेंटर के आपरेशन थियेटर में सी-आर्म मशीन आग गई है। अब यहां आने वाले फ्रैक्चर के ऑपरेशन आसानी से हो सकेगा। -डा. आरबी कमल, प्राचार्य, मेडिकल कालेज