कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी रविवार किसानों के कर्ज और कालीन उद्योग को लेकर फिक्रमंद दिखे। रोजी, रोजगार और रोटी का सवाल उठाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। कहा कि मोदी ने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देेने का वादा किया था। मगर रोजगार देना तो दूर, उल्टे नोटबंदी करके छोटे-छोटे उद्योगों पर ताला लगवा दिया, लोगों की रोजी छीन ली। दिहाड़ी मजदूर रोटी तक के लिए मोहताज हो गए। यहां का कालीन कारीगर हो या किसान वे कर्ज से उबर नहीं पा रहे हैं और यह सरकार सिर्फ अमीरों की चिंता कर रही है। मोदी सरकार ने 50 अमीरों के एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। अपने भाषण में वे पूरे समय केंद्र सरकार पर हमलावर रहे पर बसपा का जिक्र तक नहीं किया।
कांग्रेस-सपा गठबंधन के उम्मीदवार ललितेशपति त्रिपाठी के समर्थन में कलवारी में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ‘मेड इन चाइना’ बना दिया। बाजार चीनी मालों से पटा है और लघु एवं कुटीर उद्योग तबाह हो रहे हैं। निर्यात चौपट हो गया है। कालीन के कारखाने बंद होने के कगार पर हैं। मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। हम चाहते हैं कि कालीन की कारीगरी विदेशों में दिखे और उचित मजदूरी मिले। मनरेगा कांग्रेस की देन है, मगर भाजपा की गलत नीतियों के चलते गरीबों को काम नहीं मिल रहा है। हमने दो करोड़ किसानों से कर्ज माफी के फार्म भरवाए और प्रधानमंत्री को सौंपा पर तब वे चुप्पी साध गए थे। अब कह रहे हैं कि प्रदेश में सरकार बनवा दो किसानों का कर्ज माफ कर देंगे।
यूपीए की सरकार ने10 मिनट में किसानों के 70 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए थे। प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो किसानों का कर्ज एक झटके में माफ कर दिया जाएगा। महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण, मनरेगा में महिलाओं को अधिक मजदूरी, छात्राओं को पांच सौ रुपये वजीफा तथा 12वीं पास करने वाली छात्राओं को 30 हजार रुपये दिये जाएंगे। आदिवासियों को भी रिजर्वेशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुद को गंगा का बेटा कहने वाले नरेंद्र मोदी ने बनारस में मेट्रो, गंगा सफाई, रिंग रोड, सोलर प्लांट व भोजपुरी फिल्म सिटी बनाने का वादा किया था, ढाई साल में किसी का भी शिलान्यास नहीं हुआ। सभा में राजेशपति त्रिपाठी, ललितेश पति त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी, भगवती चौधरी, दयाशंकर पांडेय, अर्चना चौबे, राकेश श्रीवास्तव, दुर्गा मिश्रा, कांता सिंह, मुरली कोल, राम दुलार बिंद, सुरेश कोल, जमुना यादव, गोबिंद प्रसाद सिंह, प्रमोद केशरी, रामकृपाल कुशवाहा, विनोद पटेल आदि मौजूद रहे।