मिर्जापुर। डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ते देख मंडलीय अस्पताल में 40 बेड के एक और डेंगू वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। ताकि डेंगू के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने में कोई समस्या न हो। मंडलीय अस्पताल में छह और 18 बेड के डेंगू वार्ड पहले से ही हैं।
अगस्त माह से डेंगू के मरीज मिलने शुरू हो गए थे। प्रशासन एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि करता है। एलाइजा जांच में डेंगू का एक मरीज और किट जांच में आठ मरीज मिले हैं, परंतु मंडलीय अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए बने वार्ड में लगभग 80 मरीज अब तक भर्ती हो चुके हैं। डेंगू के मरीज भर्ती करने के पहले मंडलीय अस्पताल में छह बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया। इसमें अगस्त माह में करीब 30 मरीज भर्ती हुए। सितंबर माह में भी 25 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए। डिप्थीरिया के दो मरीज मिलने पर छह बेड के वार्ड में डिप्थीरिया के मरीज को भर्ती कर 18 बेड का नया डेंगू वार्ड बनाया गया। बीते आठ सितंबर से नया वार्ड बनने के बाद चार से पांच दिनों तक वार्ड डेंगू के मरीजों से पटा रहा। इस समय वार्ड में डेंगू के सात मरीज भर्ती हैं। डिप्थीरिया के मरीज की छुट्टी होने के बाद छह बेड के डेंगू वार्ड में भी मरीज भर्ती होने लगे हैं। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी के ऊपर द्वितीय तल पर 40 बेड का तीसरा डेंगू वार्ड बनाया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ.एसके श्रीवास्तव का कहना है कि डेंगू के मरीजों के लिए दो वार्ड पहले से बनाए गए हैं। इमरजेंसी के ऊपर द्वितीय तल पर 40 बेड का तीसरा डेंगू वार्ड बनाया जा रहा है। ताकि मरीज बढ़ने पर उनको भर्ती किया जा सके।