कछवा। देहात कोतवाली क्षेत्र के भटौली पुल के पास से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए मंडलीय अस्पताल के परिष्ठ परामर्शदाता डा. जेपी त्रिपाठी का रविवार को दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका। आशंकावश पीएचसी की फ्लड टीम, स्थानीय गोताखोरों के बाद दोपहर में आई एनडीआरएफ की टीम ने भी खोजबीन किया, पर शाम तक डाक्टर का पता नहीं चल सका था। गंगा के अलावा पुलिस गांवों में भी डाक्टर की तलाश कर रही है। रविवार की दोपहर डीएम सुशील कुमार पटेल, एसपी अजय कुमार सिंह और सीएमओ डा. ओपी तिवारी गंगा किनारे पहुंचे कर तलाश अभियान की जानकारी लिया।
बस्ती सीएमओ पद से हटाए जाने के बाद डा. जेपी त्रिपाठी की बतौर फिजिशीयन डेढ़ माह पूर्व मण्डलीय अस्पताल में तैनाती हुई है। उनकी पत्नी डा. सुनंदा वाराणसी में डाक्टर है। डा. जेपी त्रिपाठी प्रतिदिन कार से वाराणसी से मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल ड्यूटी करने आते है। शनिवार की सुबह भी वह कार से मंडलीय अस्पताल आ रहे थे कि भटौली पुल पर कार खड़ी कराकर शौच के लिए उतरे और लापता हो गए। काफी देर तक उनका पता न चलने पर चालक पवन ने उनकी पत्नी और पुलिस को फोन कर जानकारी दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खोजबीन किया, पर डाक्टर कर पता नहीं चल सका। सुबह देहात कोतवाल अभय सिंह और कछवां थानाध्यक्ष स्थानीय गोताखोर और पीएसी की फ्लड टीम ने गंगा में छह से सात किमी तक खोजबीन कराते रहे। दोपहर में डीएम, एसपी और सीएमओ भी गंगा किनारे पहुंच कर खोजबीन अभियान के बारे में जानकारी लेकर निर्देश दिया। दोपहर दो बजे वाराणसी से एनडीआरएफ की टीम खोजबीन करने पहुंची। एनडीआएफ के जवानों ने दो बोट से गंगा में उतर कर खोजबीन किया। तैराक जवानों ने गंगा के अंदर डुुबकी मारकर काफी देर तक खोजबीन करते रहे, पर कुछ भी पता नहीं चल सका। शाम को अंधेरा होने पर खोजबीन बंद कर दी गई।
दो दिन पहले गंगा दर्शन रोकवाई थी गाड़ी
मिर्जापुर। डा. जेपी त्रिपाठी प्रतिदिन वाराणसी से आते-जाते थे। लापता होने के दो दिन पूर्व भी उन्होंने गंगा दर्शन के लिए गाड़ी रोकवाई थी। देहात कोतवाल अभय सिंह ने बताया कि चालक से पूछताछ मेें उसने बताया कि दो दिन पूर्व पुलिस अधीक्षक बंगले के सामने गाड़ी रोवाकर घाट से नीचे उतरकर गंगा किनारे पहुंचे और जल लेकर अपने ऊपर डाला। चालक ने बताया कि वह भी नीचे उनके साथ गया था। उनके ऊपर चढ़ा नहीं जा रहा था। सहारा देकर उनको ऊपर लाया। दो दिन पूर्व भी गंगा किनारे जाने और अब गंगा किनारे से लापता होने की बात से लग रहा है कि कहीं दो दो दिन पहले भी तो गंगा में कूदने की कोशिश करने तो नहीं गए थे। चालक के साथ जाने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। सच्चाई क्या है वो तो डाक्टर के मिलने के बाद ही पता चलेगा।
गंगा में कूदने की आशंका प्रबल
मिर्जापुर। डा. जेपी त्रिपाठी के गंगा के कूदने की आशंका प्रबल प्रतीत हो रही है। जिस तरह से वो गाड़ी को रोकवा कर गंगा किनारे गए। उससे यही प्रतीत हो रहा है। डाक्टर ने शौच जाने की बात कहकर गाड़ी पुल के नीचे रोकवाया था। नीचे जाने के बाद चरवाहे ने उन्हें पैदल गंगा किनारे आगे जाते हुए देखा था। सवाल उठता है कि डाक्टर अगर शौच के लिए उतरे थे। वे आस-पास ही रुकते और गाड़ी से पानी का बोतल लेकर उतरते। उन्होंने ऐसा नहीं किया। पैदल आगे बहुत दूर तक जाने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में उनके गंगा में कूदने की आशंका प्रबल बताई जा रही है।
गंगा के साथ गांव में भी खोजबीन
मिर्जापुर। डाक्टर की तलाश गंगाझ् में ही नहीं हो रही है, बल्कि उनको गांवों में भी खोजा जा रहा है। आशंकावश गंगा में गोताखोर तो तलाशी अभियान चला ही रहे है। पुलिस गंगा किनारे सटे गांव के अंदर जाकर खोजबीन कर रही है कि कहीं डाक्टर खेत के रास्ते आगे तो नहीं निकल गए।
परिवार का कोई नहीं आया
मिर्जापुर। डाक्टर के लापता होने पर शनिवार को उनकी पत्नी और बच्चे आए थे, पर रविवार को घाट के पास कोई नहीं आया। जिसके घर का कोई गंगा में डूबता है या उसकी गंगा में तलाश होती है तो परिवार के सदस्य तब तक नहीं हटते जब तक की वो मिल न जाए। यहां तो मामला ही अलग रहा। रविवार को डाक्टर के परिवार का कोई सदस्य घाट किनारे नहीं दिखाई दिया।
गंगा किनारे जिलों को दी गई सूचना
मिर्जापुर। लापता डाक्टर की खोजबीन गंगा नदी में की जा रही है। ऐसे में आशंका है कि अगर वो गंगा में कूदे होंगे तो बाढ़ के चलते वो आगे बह गए होंगे। ऐसे में डीएम और एसपी ने गंगा किनारे वाराणसी और अन्य जिलों को सूचना दे दी है। बीते दिनों कैलहट में डूबे बालक का शव गाजीपुर में मिला था। आशंका जताई जा रही है कि अगर गंगा में कूदें होंगे तो वो आगे बह गए होंगे।