मिर्जापुर। पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में गुरुवार को नवरात्र मेला की तैयारियों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि मेला में भीड़ को नियंत्रित करने की कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही सभी जलभराव वाले स्थानों से पानी निकलवाने की व्यवस्था का भी निर्देश दिया। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने विंध्य कारीडोर का मसला उठाया।
मंडलायुक्त आनंद कुमार सिंह ने पर्यटन क्षेत्र के विकास की समीक्षा करते हुए नवरात्र मेला की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मेला में आने वाले यात्रियों की सुविधा, घाटों व अन्य क्षेत्र में समुचित शौचालयों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही महिलाओं के वस्त्र बदलने के स्थान व सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्देश दिया। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में मोटरबोट लगाने को कहा। मंडलायुक्त ने कहा कि जहां कहीं भी जलभराव है, उसे हटाया जाए। रेलवे अंडर पास में लगे पानी को हटाने की व्यवस्था की जाए। आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार विंध्याचल क्षेत्र व मिर्जापुर के पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कटिबद्ध है और यह उसकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि पुरानी व न्यू वीआईपी मार्ग तथा विंध्याचल के कम से कम बथुआ तिराहे तक रोड के डिवाइडर पर लाइटिंग की व्यवस्था की जाए। यह भी निर्देश दिया कि विंध्याचल व मिर्जापुर के घाटों पर जो कलाकृतियां बनाई गई हैं, उन पर यह लिखा जाए कि कौन सी कलाकृति किस शैली व भाषा में बना है। ताकि आने वाले लोगों को उस कलाकृति के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि गंगा के घाटों पर कम से कम चार मोटरबोटों की जरूरत पड़ेगी। कालीखोह व अष्टभुजा के बीच रैन बसेरा बनाए जाने पर चर्चा हुई। लखनऊ से आई संस्था के आशी श्रीवास्तव ने सभी के सुझावों को नोट किया। इस अवसर पर एडीएम यूपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सुशील लाल श्रीवास्तव, एसडीएम गौरव श्रीवास्तव, विभूति मिश्र, विभव पांडेय आदि थे।