आगामी शनिवार से नवरात्र मेला शुरु हो जाएगा। शुक्रवार की शाम से श्रद्धालुओं आने लगेंगे। मगर प्रशासन न तो सड़कें दुरुस्त कर पाया है और न ही घाटों पर से सिल्ट साफ करा पाया है। बारिश बाद घाटों, गलियों तथा सड़कों पर फिसलन हो गई है। रोडवेज परिसर में दुर्व्यवस्था पसरी हुई है। यह स्थिति तब है जबकि जिलाधिकारी ने 28 सितंबर तैयारियां पूरी करने को कहा था।
शारदीय नवरात्र मेला में देश के कोने-कोने से लाखों आस्थावान विंध्य दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। बुधवार तक पूरी नहीं हो पाई थीं, ऐसे में दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
पुतलीघर से विंध्याचल तक मार्ग की दशा अत्यंत दयनीय है। शिवपुर से विंध्याचल तक सड़क निर्माण के नाम पर मिट्टी-गिट्टी डाल कर रोलर चलवा दिया गया है। विंध्याचल रोडवेज परिसर में न तो साफ-सफाई है और न ही बिजली-पानी की व्यवस्था। दो शौचालय हैं, जो अनुपयोगी हैं।
मेला क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कराने का काम तेज गति से चल रहा है, वहीं न्यू वीआईवी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर फाइबर शेड ठीक करा दिया गया है। विंध्याचल के पक्काघाट, दीवानघाट, अखाड़ा घाट, परशुराम घाट, भैरोघाट, कच्चाघाट, बलुआघाट, इमलीघाट, गुदाराघाट पर सिल्ट अभी तक जमा हुआ है, जिससे स्नानार्थियों को परेशानी होगी। पक्काघाट व कच्चाघाट पर स्थित महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए स्थायी रूप से बना स्थान सिल्ट से ढंका हुआ है, उसमें जमे सिल्ट को भी नहीं हटवाया गया है। अष्टभुजा पहाड़ पर त्रिकोण परिक्रमा मार्ग दुरूस्त हो गया है, लेकिन प्रकाश व्यवस्था अभी पूरी नहीं हो पाई है। पटेंगरा रेलवे पुल के नीचे, दूधनाथ तिराहे के समीप रेलवे पुल के नीचे एवं रेहड़ा चुंगी पुल के नीचे हल्की बारिश के बाद जलभराव हो जाता है, जिससे भक्तों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।