मिर्जापुर/कैलहट। चुनार क्षेत्र में कैलहट गांव निवासी नागेश कुमार सिंह की खेतों में उगी पीली और लाल रंग की फूल और पत्ता गोभी लोगाें में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यही नहीं एक पौधे से बैंगन और टमाटर का हो रहा उत्पादन अन्य किसानों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है।
युवा किसान नागेश कुमार सिंह मुख्य रूप से सब्जी की खेती, श्री अन्न (रागी, सांका कोदो, चीना, कंगनी) की खेती करते हैं। इनकी मां को 23 दिसंबर 2014 को श्रीअन्न (रागी) के उत्पादन में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्हें लखनऊ में सम्मानित करते हुए 60 हजार का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। नागेश कुमार सिंह ने इस वर्ष रंगीन फूल और पत्ता गोभी की खेती की। नागेश ने बताया रंगीन फूल और पत्ता गोभी का बीज उन्हें पंतनगर (उत्तराखंड) में मिला। जो कि रोपाई के 65 से 70 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार होती है। इसके साथ ही सब्जियों में ग्राफ्टिंग (ब्रोमैटो) एक पौधे से बैंगन और टमाटर का भी उत्पादन किया जा रहा है। नागेश ने बताया इस कार्य के लिए उन्हें भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र वाराणसी के निदेशक, प्रधान वैज्ञानिक डा. सुदर्शन मौर्य, डा. कुलदीप श्रीवास्तव से प्रेरणा मिली। उन्होंने जिला उद्यान एवं कृषि अधिकारी के सहयोग की सराहना की। बताया कि समय-समय पर न सिर्फ जिले में ट्रेनिंग दी जाती है बल्कि आत्मा योजनांतर्गत बाहर भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
कलान में मृतक तांगा चालक राजाराम के घर बैठे शोकाकुल घरवाले और पड़ोस की महिलाएं। संवाद- फोटो : स्त्रोत- संगठन