जनपद में नागपंचमी का पर्व बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया गया। पर्व के तहत जगह-जगह स्थित शिव मंदिरों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया, वहीं घरों में महिलाओं ने दीवार पर नाग देवता का चित्र लगा कर उनको दूध-लावा का भोग लगा कर पूजन किया।
नागपंचमी पर्व के मद्देनजर कहीं विराट कुश्ती-दंगल तो कहीं मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान पहलवानों ने अखाड़ा में उतरने से पहले अपने माथे पर माटी का चंदन लगाया। विभिन्न मंदिरों की फूलों से की गई सजावट अलौकिक छटा बिखेर रही थी।
नागपंचमी पर्व पर नगर क्षेत्र के समस्त शिव मंदिरों सहित नाग देवता के मंदिरों में पूजन-अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह से ही नगर की गलियों में नाग देवता का चित्र व दूध-लावा बेचने वाले भ्रमण करते रहे।
पर्व पर महिलाओं ने अल सुबह नाग देवता के चित्र को दीवार पर लगा कर उनको दूध-लावा चढ़ा कर पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्घि के लिए कामना किया।
नगरीय इलाके सहित जनपद के ग्रामीण अंचलों में नाग देवता के पूजन की धूम रही, वहीं नाग देवता का दर्शन कराने के लिए जगह-जगह सपेरे भी घूमते रहे। शिव मंदिरों में देर रात तक दर्शन-पूजन सहित भजन-कीर्तन का दौर निरंतर चलता रहा।
नगर के कजरहवा पोखरा और गणेशगंज मुहल्ले में लगे विशाल मेले में नर-नारियों सहित बच्चों की भारी भीड़ जुटी रही। गणेशगंज मुहल्ले में जगह-जगह स्थित मंदिरों में देवी-देवताओं की फूलों से की गई भव्य सजावट देखते बन रही थी, वहीं दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
उधर नगर सहित जनपद के ग्रामीण अंचलों में आयोजित विराट कुश्ती-दंगल में पहलवानों ने दमखम दिखाए। नगर के बदलीघाट स्थित प्राचीन अखाड़े पर पुराने परंपरा अनुसार अखाड़े के स्थानीय पहलवानों ने अपने कला का प्रदर्शन किया।
सभासद दुर्गा प्रसाद यादव ने पहलवानों को पुरस्कृत किया। इस दौरान विशाल यादव, देवनाथ यादव, भीम यादव, कुल्लू वर्मा, किशन यादव आदि मौजूद रहे।
नागपंचमी पर्व पर नगर के कई मंदिरों में कजली गायन का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।