नगर में बनी बहुमंजिली इमारतें, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। नगर की कालोनियों में भवनों के निर्माण कार्य में हो रही अनदेखी से समस्या हो रही है। कहीं एक मंजिला भवन के नक्शे पर कई मंजिले भवन बन जा रहे हैं तो कहीं अपनी चौहद्दी से बाहर निकल कर लोग मकान बनवा ले रहे हैं। शुरुआत में तो जांच होती है लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ जाता है।
नगर के बाहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध कालोनियां विकसित हो गई हैं। तकरीबन 200 के आसपास बसी नई कालोनियों में नियमों की अवहेलना हो रही है। इन कालोनियों में भवन निर्माण के मानक का कोई अता पता ही नहीं है। लोग नक्शा तो एक मंजिला भवन का बनवाते हैं लेकिन बन जाती है कई मंजिला इमारत। गंगा के किनारे इस प्रकार की कालोनियां विकसित हो गई हैं। इससे इन इमारतों में रहने वालों की सुरक्षा पर भी खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं कई जगहों पर इन कालोनियों में आने जाने का रास्ता सकरा हो गया है। इसका कारण यह है कि लोगों ने अपनी चौहद्दी से आगे बढ़कर निर्माण करा लिया है। अब पहले वाले तो सुकून में रहते हैं लेकिन ऐसे भवन के बाद वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नक्शा पास होते समय होनी चाहिए जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। आम नागरिकों की मांग है कि जब भी किसी भवन का नक्शा स्वीकृत किया जाता है तो उस स्थान की जांच होनी चाहिए कि वहां पर यदि कॉलोनी के नाम पर भवन बनाया जाना है तो वहां पर बुनियादी सुविधाएं मसलन नाली, सड़क, खड़ंजा या इस प्रकार की सुविधा है कि नहीं अथवा उसके लिए प्रावधान किया गया है कि नहीं। यदि इस प्रकार की जांच पहले ही हो जाए तो मकान बनवाने वालों को बाद में असुविधा नहीं होगी। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट व प्राधिकरण के सचिव विनीत उपाध्याय ने बताया कि जांच में यदि इस प्रकार के तथ्य सामने आते हैं तो निश्चित कार्रवाई की जाती है।
आवागमन में होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ऐसी कालोनियों में जब चौहद्दी का ध्यान नही होता तो आवागमन में बाधा होती है। साथ ही किसी विषम परिस्थिति में भी एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड के वाहनों को आने जाने में समस्या होती है। कभी- कभी तो वे मौके तक पहुंच भी नहीं पाते। इन सबका भी ध्यान रखना आवश्यक है।
नगर में बनी बहुमंजिली इमारतें, स्रोत संवाद