विंध्याचल। नए साल पर विंध्याचल में उमड़ने वाली भीड़ और उनकी सुविधा को देखते हुए नववर्ष की पूर्व संध्या पर ही श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी गर्भगृह में मुस्तैद रहे। वहीं मंगलवार से एक जनवरी रात नौ बजे तक मां विंध्यवासिनी का चरण-स्पर्श प्रतिबंधित कर दिया गया। इतना ही नहीं निकास द्वार से किसी भी दशा में प्रवेश वर्जित रहेगा। समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी व मंत्री भानू पाठक ने कहा कि चाहे कोई भी हो विंध्यवासिनी माता का चरण-स्पर्श मंगलवार से ही प्रतिबंधित कर दिया गया है, जो बुधवार तक रहेगा। श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों ने कहा नववर्ष पर मंगला आरती के पश्चात चार बजे भोर से लेकर रात्रि नौ बजे तक उमड़े भीड़ को देखते हुए कोई भी पुरोहित अपने साथ श्रद्धालुओं को लेकर निकास द्वार से गर्भगृह में प्रवेश कदापि नहीं करेगा।
नववर्ष की पूर्व संध्या पर विंध्याचल स्थित कई प्रमुख होटल और धर्मशालाओं में मंगलवार की देर शाम तक फुल हो गए। मनचाहे स्थान पर लोगों को जगह नहीं मिली। जिसके लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालु देर रात तक अच्छी जगह के लिए तलाशते रहे।
कड़ाकेे के ठंड के बीच आस्थाधाम में मंगलवार को दोहपर बाद ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया था। रेलवे व विभिन्न बस स्टैंडों पर उतरने वाले श्रद्धालु ठिकाने की तलाश में लग गए। देर शाम तक आस्थाधाम के प्रमुख होटल और धर्मशाला नववर्ष की पूर्व संध्या पर ही भर गए। उनके लिए जगह ही नहीं बची जिससे वे मनचाहे स्थान पर जगह न मिलने मायूस रहे। कुछ श्रद्धालुओं ने तो पहले ही दूरभाष पर अपने मनचाहे स्थान पर होटल और धर्मशालाओं में कमरा बुक करा लिया था। ज्यादातर श्रद्धालु मंदिर के आसपास ही कमरा सुरक्षित कराने की होड़ मची रही।