मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट पर बुधवार की शाम को बहन के ससुर को गोली मारने के दो आरोपितों को पुलिस ने रात उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर झुठे केस में फंसाए जाने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपितों का चालान कर जेल भेज दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के विंध्यपुरी कालोनी निवासी 60 वर्षीय राजाराम तिवारी ने एक वर्ष पूर्व अपने बड़े पुत्र विनय तिवारी की शादी नगर के पांडेयपुर निवासी उपासना पांडेय से की थी। शादी के बाद से बहू उपासना से घरेलू विवाद चल रहा था। बहू उपासना ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अप्रैल 2019 में मुकदमा दर्ज कराया था। पारिवारिक न्यायालय में बुधवार को तारीख थी। तारीख पर बहू उपासना पांडेय अपने भाई आलोक पांडेय व चाचा धीरज पांडेय के साथ आई थी। राजाराम तिवारी का आरोप है कि वह भी पारिवारिक न्यायालय में मुकदमे की तारीख जानने आए थे। आरोप है कि सवा चार बजे वह कोर्ट से बाहर निकलकर सीजेएम कोर्ट के मुख्य द्वार के पास खड़ी अपनी स्कूटी तक पहुंचे ही थे कि तभी बहू के चाचा धीरज पांडेय ने ललकारा और बहू के भाई आलोक पांडेय ने तमंचे से पीछे से गोली चला दी। मामले में पुलिस ने सोनमनी तिवारी की तहरीर पर उपासना पांडेय उसके भाई आलोक और चाचा धीरज के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। रात को आलोक और धीरज को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पुलिस ने दोनों का चालान कर जेल भेज दिया।