मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को गोवंश आश्रय स्थलों के लिए हुई बैठक में गोवंश आश्रय स्थलों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम सुशील कुमार पटेल ने कहा कि ठंड का मौसम आ गया है। इन गोवंश को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की जाए। साथ ही हलिया विकास खंड के पीएम आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय ने कहा कि जो आवास अधूरे हैं, उनको शीघ्रता पूर्वक पूरा किया जाए। आवासों के लिए नया लक्ष्य आ गया है। आवासों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है।
डीएम ने कहा कि यह तिरपाल रात को टीन शेड पर गिरा दिए जाए और सुबह होने पर उठा दिया जाए ताकि गोवंश को विचरण व प्रकाश में कोई समस्या न हो। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी पशुओं की प्रतिदिन जांच कर उनके स्वास्थ्य की मानिटरिंग की जाए। इनके लिए भूसा की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इस भूसा को स्वच्छ स्थान पर रखा जाए ताकि चारे में कोई गड़बड़ी न हो सके। छप्पर व टीनशेड का निर्देश देते हुए उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों से कहा कि वे इन गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण करें और 24 नवंबर तक व्हाट्सएप ग्रुप पर आख्या दें। वे 25 नवंबर को अपनी आख्या लिखित रूप में भी प्रस्तुत करें। पानी पीने के लिए चरही की व्यवस्था का निर्देश दिया और कहा कि इसके लिए सबमर्सिबल लगवाया जाए। इसके अलावा कुक्कुट, शूकर व अन्य पशुओं के संबंध में भी चर्चा की गई।
इस दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को आइजीआरएस की समीक्षा की गई। डीएम सुशील कुमार पटेल ने विभिन्न विभागों में प्राप्त मुख्यमंत्री पोर्टल, आनलाइन संदर्भ व जिलाधिकारी जन शिकायत मुलाकाती, संपूर्ण समाधान दिवस सहित अन्य प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस बात की समीक्षा की जा रही है। अत: अधिकारी शिकायत पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से करें अन्यथा की स्थिति में संबंधित पर ही कार्रवाई की जाएगी। एडीएम यूपी सिंह, सीआरओ एमए अंसारी आदि थे।