मिर्जापुर। जिले में मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने बड़ी कार्रवाई की। लालगंज में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों की फरियाद सुनते हुए उन्होंने चार लाख 75 हजार रुपये के गबन के आरोप में दो ग्राम विकास अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। जिले में तीन सौ 28 मामले आए जिनमें से मात्र नौ का मौके पर निस्तारण हुआ।
लालगंज, तहसील पर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक सौ 67 मामले आए जिनमें से मात्र नौ का निस्तारण हुआ। ग्राम पंचायत गौरवा में वैधा के ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ हुई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी विजयपाल मिश्रा व अखिलेश दुबे के खिलाफ गबन की प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा। साथ ही सैकड़ों बीघा भूमि पर कब्जे की शिकायत की गई। डीएम ने कहा कि पराली जलाने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए लेखपाल जिम्मेदार होंगे। धान क्रय केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। नौगवां के एक मामले का उन्होंने मौके पर ही वरासत किया। एक लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक को जांच करने को कहा। एसपी डा. धर्मवीर सिंह, सीडीओ प्रियंका निरंजन, सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी आदि थे। सदर तहसील में एडीएम यूपी सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 80 मामले आए जिनमें से कोई निस्तारित नहीं हुआ। तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय आदि थे। चुनार, तहसील में एडीएम भू- राजस्व एमए अंसारी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। इस अवसर पर 42 मामले आए जिनमें से मात्र एक का निस्तारण हुआ। एसडीएम जंगबहादुर यादव आदि थे। मड़िहान, उपजिलाधिकारी विमलकुमार दूबे की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया।इस दौरान 39 फरियादी शिकायत लेकर पहुंचे। नौ शिकायती पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया। दूसरों की जमीन संक्रमणीय कराने पहुचे दलालों को तहसीलदार कर्मेंद्र कुमार ने कड़ी फटकार लगाया।बताया गया कि गरीबों को मिली पट्टे की भूमि को असंक्रमणीय से संक्रमणीय कराकर बेचवाते हैं।नायब तहसीलदार सुप्रिया चतुर्वेदी, वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र, विनोद कुमार तिवारी, इंद्र कला मिश्रा आदि सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।