मिर्जापुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार को केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। आरोप लगाया कि सरकारी नौकरशाह सरकार को गुमराह कर रहे हैं।
फतहां स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय वितरण के कार्यालय पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि संगठन के केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ चेयरमैन व ऊर्जा मंत्री से कई बार वार्ता हुई लेकिन शासन के अधिकारियों व ऊर्जा मंत्री ने अबतक केवल आश्वासन ही दिया। समिति के अध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि हालात इतने बदतर हैं कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ अब तक सीबीआई जांच नहीं शुरू हो सकी है। साथ ही कर्मचारियों की भविष्य निधि की राशि की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब तक सरकार ने नहीं ली है। न ही तत्कालीन आएएस चेयरमैन को भी अब तक नहीं गिरफ्तार किया गया। सिंह ने दावा किया कि समिति के बैनर तले सभी ऊर्जा निगमों के करीब 45 हजार कार्मिकों ने कार्य बहिष्कार किया है। वक्ताओं ने कहा कि वे तत्काल भुगतान की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि भुगतान की गारंटी की मांग कर रहे हैं जिससे बिजली कर्मचारी निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। कहा गया कि अभी इस आंदोलन में शिफ्ट कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। इस अवसर पर राजेश कुमार श्रीवास्तव, वीपी कठेरिया, मनोज कुमार यादव, एके सिंह, विजेंद्र सिंह, सुमित कुमार यादव, विपिन कुमार पटेल, राजेश कुमार गौतम, लालमोहन दुबे, विनीत सिंह आदि थे।