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चलती ट्रेन में दर्ज होंगे अपराधिक मुकदमे

Tue, 10 Feb 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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ट्रेनाें में अपराध होने पर अब यात्रियाें को मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपनी ट्रेन बीच रास्ते में नहीं  छोड़ना पड़ेगा। घटना के बाद  जीआरपी का स्कार्ट उनके पास चलित रजिस्टर लेकर जाएगा और पूरा प्रकरण दर्ज कर भुक्तभोगी को गुलाबी रंग की रसीद मुहैया कराएगा।
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इसके बाद जिस स्थान की घटना होगी उसको वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अगर उन्हीं के थाने से संबंधित मामला होगा तो तत्काल कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस पर अमल  15 फरवरी से होगा।

एडीजी (जीआरपी) लखनऊ, एस जाबिद अहमद ने ट्रेनाें में अपराध के बाद यात्रियाें को बीच रास्ते में ट्रेन छोड़ने की समस्या को देखते हुए अब ट्रेनाें में की मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया है। 15 फरवरी से जीआरपी का स्कोट ट्रेनाें में चलित रजिस्टर लेकर चलेगी।
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अपराध होने पर तत्काल रजिस्टर में पूरा मामला दर्ज कर वादी को गुलाबी रंगी की रसीद मुहैया करा देगी। जबकि हरे रंगे की रसीद को संबंधित थाने में भेजकर मामला दर्ज कराया जाएगा।

वहीं सफेद रंग की तीसरी रसीद को रिकार्ड में रखा जाएगा। घटना से संबंधित थाने को भेजी गई हरे रंग की रसीद पर दो दिन के अंदर थाने की पुलिस को मामला अपने जीडी रजिस्टर में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू करनी होगी।

स्कोट द्वारा दर्ज किए गए मामले की हर माह उच्चाधिकारी समीक्षा करेंगे कि इस केस में अभी तक कितना प्रगति हुआ है। अभी तक यह निर्देश केवल उत्तर प्रदेश सरकार की  जीआरपी को दिया गया है। अन्य प्रदेशाें से इस तरह के कदम उठाने के लिए कहा गया है लेकिन अभी किसी प्रदेश से को सूचना नहीं आई है।  
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