मिर्जापुर। संतनगर थाना क्षेत्र के पजरा गांव में दो वर्ष पहले कुएं में फेंककर तीन बच्चों की हत्या करने वाली मां को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जहीब जेहरा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
संतनगर थाना क्षेत्र के पजरा गांव निवासी श्यामधर कोल ने तहरीर देकर बताया था कि पुत्र अमरघीज, उसकी पत्नी सुधा उर्फ चंदा देवी अपने तीन बच्चों आकाश, कृति, अन्नू के साथ अलग रहती थी। पुत्र अमरघीत दो महीने से कमाने के लिए मुंबई गया था। दो जून 2023 की रात दो बजे पारिवारिक कलह के कारण बहू सुधा उर्फ चंदा ने अपने तीनों बच्चों को घर के सामने कुएं में फेंक दिया। उसके बाद घर में आग लगा दी। नींद खुली तो गांव वालों की मदद से आग को बुझाया गया। बच्चों को खोजने लगे तो नहीं मिले।
बहू सुधा ने बताया कि तीनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया है। घर में आग लगा दी है। कुएं में देखने पर तीनों बच्चों के शव मिले। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सुधा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।
गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जहीब जेहरा ने कहा कि सुधा गुस्सैल प्रकृति की है। पति मुंबई था। वह बच्चों के साथ अलग रह रही थी। पहले भी उसने दो बच्चों को नहर में फेंक दिया था, जिन्हें गांव वालों ने बचाया था। घटना के समय कोई और नहीं था। इससे स्पष्ट होता है कि सुधा ने बच्चों को कुएं में फेंककर हत्या की है। दोषी सुधा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।