विंध्याचल थाना क्षेत्र के रेहड़ा रेलवे पुल के ऊपर प्लेटफार्म नंबर तीन पर शनिवार को देर रात 32 वर्षीय महिला अपने दो साल की बालिका के साथ ट्रेन के सामने कूद गयी। उसे कूदते देख ट्रेन के चालक ने गाड़ी रोकी, लेकिन तब तक मां-पुत्री ट्रेन के नीचे आ गईं। बालिका तो बच गई, परंतु मां गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर पहुंची जीआरपी घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी के बाद मंडलीय अस्पताल ले गई। वहां से मां को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। बालिका को चाइल्ड लाइन के हवाले किया गया है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन के पूर्वी छोर पर 32 वर्षीय महिला अपने दो साल की बालिका के साथ ट्रेन के सामने कूद गई। ट्रैक पर आ रही त्रिवेणी एक्सप्रेस के चालक ने महिला को कूदते देख कर ट्रेन रोकी, लेकिन तब तक महिला ट्रेन के नीचे आ गई। सूचना पर पहुंचे जीआरपी प्रभारी राजेंद्र यादव ने सहयोगियों के साथ कड़ी मसक्कत के बाद महिला और बालिका को ट्रेन के नीचे से निकाला।
उधर, अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं आने पर जीआरपी प्रभारी सिपाहियों के साथ पैदल ही महिला को अस्पताल ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया। जहां से महिला को ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। इस हादसे में बालिका के सिर में चोट लगी थी। उसका उपचार कराकर जीआरपी ने चाइल्ड लाइन के नितिन भार्गव व अंकित मिश्रा को सौंप दिया।
रविवार को सुबह वाराणसी में महिला को होश आने पर उसने अपना नाम सीमा सिंह पटेल पत्नी रमाकांत पटेल व बालिका का नाम सार्या बताया। जीआरपी प्रभारी राजेंद्र यादव ने बताया कि महिला के पति से बात हुई है। महिला आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पति रमाकांत पटेल ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब तीन बजे उठे तो बच्ची और पत्नी नहीं थे। थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर परिजन घर से निकल गए हैं।