चुनाव आयोग ने सूबे के हर जिले में 70 से 75 फीसदी वोटिंग कराने का लक्ष्य अधिकारियों को सौंपा है। इसके गांव-गांव चौपाल लगाकर और नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। पिछले चुनाव में सूबे में 60 से 65 फीसदी तक मतदान होता रहा है। जिन इलाकों में कम वोटिंग होती है, उनमें विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में मीडिया को बताया कि आमतौर पर क्रिटिकल बूथों पर कम मतदान होता है। उप जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे उन इलाकों में जाकर पता करें कि लोग वोट डालने क्यों नहीं जाते हैं। ऐसे मतदान स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है जहां पिछले चुनाव में मतदान प्रतिशत कम रहा है। ऐसे इलाकों में चौपाल लगाई जाएगी और लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि कॉलेजों में मतदान बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। संवेदनशील बूथों में बदलाव होता रहता है। पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1781 और पोलिंग सेंटरों की संख्या 1259 है। 12 जनवरी को इसमें बदलाव हो सकता है। वहां मतदान करने वालों के अनुभव के आधार पर क्रिटिकल बूथों पर वोटिंग बनाने की रणनीति बनाई जा रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी में छूट तभी मिलेगी जब वे गर्भवती हों। बताया कि जिले में निर्वाचन की अधिसूचना नौ फरवरी को जारी होगी।