शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाई। विंध्याचल धाम में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शारदीय नवरात्र मेले के दूसरे दिन भक्तों ने मां के कमलनयनी स्वरूप के दर्शन किए। मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थी।
मां विंध्यवासिनी के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। गंगा स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे भक्तों ने श्रद्धा भाव से मां के चरणों में मत्था टेक कर मंगल कामना की। धाम में सुबह से शाम तक भक्तों का ताता लगा रहा। विंध्य की गलियों में सजी माला, फूल, प्रसाद की दुकानों पर भक्तों के जुटने से दुकानदार भी गदगद दिखाई दिए।
विंध्यवासिनी माता के दर्शन पूजन के बाद मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के मंदिर में जाकर भक्तों ने शीश नवाया। जिला प्रशासन एवं श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी और सदस्य मुस्तैद नजर आए। इन लोगों ने भक्तों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा। विंध्याचल के समस्त गंगा घाटों पर भी भक्तों का तांता लगा रहा।