संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बदले माैसम से आंखों में जलन और लालिमा के ओपीडी में प्रतिदिन 150 में 50 मरीज इसी समस्या से पीड़ित होकर आ रहे हैं। नगरपालिका या जिला प्रशासन की ओर से इससे निजात के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
बारिश के बाद अब शहर की सड़कों पर उड़ती धूल लोगों के लिए नई परेशानी बन गई है। हर मार्ग पर वाहनों के चलने से धूल उड़ रही है। बारिश के दौरान सड़कों पर जमा मिट्टी वाहनों के टायरों में चिपक जाती है।
सड़क सूखने के बाद यही मिट्टी वाहनों की आवाजाही से बारीक धूल में बदलकर हवा में उड़ती है। इसके अलावा राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों की आंखों में भी धूल पड़ रही है। धूल सीधे आंखों में जाने से किरकिराहट और जलन महसूस हो रही है।
धूल और आंखों में एलर्जी के आ रहे मरीज : डॉ. अरविंद सिन्हा
मंडलीय अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिन्हा ने बताया कि बरसात में एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस में आंख लाल होती है और खुजली होती है। इसके लिए एलर्जी ड्रॉप और दवा दी जाती है। प्रतिदिन 150 की ओपीडी हो रही है।
इसमें 20 मरीज एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के आ रहे हैं। इससे अधिक 30 से 40 मरीज सड़कों पर उड़ रही धूल की समस्या के चलते आ रहे हैं। धूल आंख में जाने से जलन, चुभन, पानी आना और गड़ने जैसी समस्या लेकर लोग आ रहे हैं। इनमें ट्रैफिक पुलिस, दुकानदार और बाइक चलाने वाले लोग शामिल हैं। सड़क पर उड़ने वाली धूल आंखों में जाने पर कॉर्निया में गड़ सकती है।
कभी-कभी समस्या बढ़ने पर उसे निकाला जाता है। इससे बचने के लिए सड़कों पर सफाई रखनी चाहिए या फिर सड़क पर चलते समय चश्मा और हेलमेट लगाकर चलना चाहिए। बाहर से घर लौटने पर आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए।