विंध्य भूमि पर शविवार को कमल ही कमल खिल उठे। मोदी लहर में जिले की पांचों विधान सभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी व गठबंधन के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। राजनीतिक पंडितों के अटकलों को दरकिनार करते हुए जनता ने उनको ऐसी जीत दी कि उनके प्रतिद्वंद्वी भी हैरत में रह गए। मिर्जापुर और मझवां में तीन बार से कायम सपा के कैलाश चौरसिया और रमेशचंद्र बिंद को पराजय का मुंह देखना पड़ा। मिर्जापुर से रत्नाकर मिश्र और मड़िहान से रमाशंकर सिंह पटेल को विजश्री ने वरण किया तो राजनीतिक परिवारों से ताल्लुक रखने वाली सुचिस्मिता मौर्य मझवां, अनुराग सिंह चुनार और छानबे (सुरक्षित) से भाजपा की सहयोगी अद (एस) के राहुल प्रकाश कोल ने जीत हासिल की।
मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हुई। मिर्जापुर से भाजपा प्रत्याशी विन्ध्याचल के तीर्थ पुरोहित रत्नाकर मिश्र ने शुरू से बढ़त बनाई और अंत तक बरकार रखा। उनको 109196 मत मिले। उनके मुकाबले लड़ रहे सपा सरकार में राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया को महज 51784 मत मिले। बसपा के परवेज खान 50261 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। मझवां में पूर्व विधायक रामचंद्र मौर्य की बहू सुचिस्मिता मौर्य ने 107839 मत पाकर कमल खिलाया।
उनके मुकाबले लड़ रहे तीन बार के विधायक बसपा के रमेश चंद्र बिंद को 62903 मतों से संतोष करना पड़ा। सपा रोहित शुक्ला 42401 वोट मिले। मड़िहान में सपा छोड़ कर अंतिम समय में बीजेपी में जाने वाले रमाशंकर पटेल ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 106517 मत मिले। कांग्रेस से लड़ रहे विधायक ललितेशपति त्रिपाठी को 59919 और बसपा के अवधेश सिंह पटेल को 52782 मत मिले। चुनार में पूर्व सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पुत्र अनुराग सिंह को जीत मिली।
उन्होंने 105608 मत प्राप्त किए। दूसरे स्थान पर पिछले चुनाव के विजेता सपा के जगतंबा सिंह पटेल रहे। उन्होंने 43380 मत प्राप्त किए। बहुजन समाज पार्टी के अनमोल सिंह को 39067 मत मिले। छानबे सुरक्षित से अपना दल (सोनेलाल) के प्रत्याशी राहुल प्रकाश कोल ने एक लाख से अधिक मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। ऐन चुनाव से पहले सपा छोड़ अपना दल आए राहुल को 106565 मत मिले। यहां सपा प्रत्याशी भाईलाल कोल को 36805 मत मिले। बसपा के धनेश्वर गौतम 43347 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे।