पुलिस को भरोसा था कि किशोरी ने खुदकुशी नहीं की है। सर्विलांस आदि से छानबीन कर पुलिस ने उसका पता लगाया। शुक्रवार को पुलिस ने किशोरी को लखनऊ से बरामद करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस बीच पुलिस किशोरी के सुसाइड नोट लिखे जाने के मामले की जांच में भी जुटी थी।
छानबीन के दौरान पुलिस ने रविवार को गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र निवासी राधा देवी को गिरफ्तार किया। सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि किशोरी उसे ट्रेन में यात्रा के दौरान मिली थी। व्यक्तिगत स्वार्थ को सिद्ध करने की नीयत से बहलाकर अपने घर में घरेलू काम करा रही थी। महिला ने किशोरी के परिजनों और पुलिस को सूचना नहीं दी थी।
किशोरी द्वारा दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट लिखा गया था। मामले में तीन पर मुकदमा दर्ज कर एक को जेल भेजा गया था। झूठे आरोप में जेल जाने के बाद युवक के परिजन परेशान थे। शुक्रवार को किशोरी के मिलने के बाद आरोपी युवक के परिजनों ने भी राहत की सांस ली। पिता ने बताया कि उनको पूरी उम्मीद थी कि पुलिस मामले की सही जांच कर उनको न्याय दिलाएगी।
एसपी ने बताया कि किशोरी को सकुशल लखनऊ से बरामद कर लिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है कि सुसाइड नोट किन परिस्थितियों में रखा गया। जांच की जा रही है कि इसमें कौन से लोग शामिल थे।