मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला खाद्य सतर्कता समिति की बैठक विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि नियमित राशन वितरण भी अगस्त माह तक नि:शुल्क दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड में नाम काटने का अधिकार उप जिलाधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक आदि द्वारा पारदर्शिता एवं उचित प्रक्रिया के साथ किया जाए एवं संबंधित व्यक्ति को नाम काटने का उचित कारण सहित अवगत कराया जाए। तहसील दिवस पर प्राप्त आवेदन पत्रों पर जिलाधिकारी ने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनांतर्गत खाद्यान का नि:शुल्क वितरण सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी दशा में कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रह जाए, किसी गरीब या वंचित व्यक्ति को राशन कार्ड के अभाव में राशन से वंचित न किया जाए। दिव्यांग एवं असहाय व्यक्तियों के राशन कार्ड बनवाने के लिए पूर्ति निरीक्षण स्वयं रुचि लेते हुए उनका कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले में भूख से कोई नहीं मरेगा। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि जिले के सभी कोटेदारों द्वारा राशन लेने आने वाले सभी उपभोक्ताओं को कोविड टीकाकरण करवाने तथा उसके लाभ के बोर में जानकारी देते हुए जागरूक करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आदि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदनों का किया गया सत्यापन
मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पात्र बच्चों के चयन सत्यापन का परीक्षण किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी ने बताया कि कोविड से मृत माता-पिता के बच्चों के जीवकोपार्जन हेतु संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना हेतु जनपद में प्राप्त 41 आवेदनों में से 26 पात्र पाए गए। पात्र सभी 26 लाभार्थियों का सत्यापन जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गहनता से जांच की गई। इसी क्रम में अटारी मडिहान निवासी स्व .सत्य नारायन उर्फ भोला चौहान के पुत्र के आवेदन को विचार करते हुए जांच समिति बनाकर पुन: सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया। पात्र पाए गए 26 लाभार्थियों में 17 बालक एवं नौ बालिकाएं हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।