मिर्जापुर। भूजल सप्ताह के तहत चल रहे वर्चुअल कार्यशाला के चौथे दिन सोमवार को जलवायु परिवर्तन का जल संसाधन एवं भूजल प्रभाव पर चर्चा हुई। इस अवसर पर जिला विज्ञान क्लब कार्यालय पर जिला समन्वयक संग बाल वैज्ञानिकों ने पौधरोपण किया। साथ ही उनको जल संरक्षण की शपथ दिलाई।
जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित वर्चुअल कार्यशाला में 86 लोगों ने प्रतिभाग किया। जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का अर्थ तापमान, बारिश, हवा, नमी जैसे जलवायु घटकों के दीर्घकाल के दौरान होने वाले परिवर्तन से है। मानवजनित तकनीकी विकास के कारण विभिन्न पृथ्वी प्रदायी घटकों के मध्य होने वाले परस्पर क्रियाओं में हो रहे असंतुलन ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन को जन्म दिया है। भू वैज्ञानिक डॉक्टर एसके शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से वर्षा के बदले प्रतिरूप से पानी की गुणवत्ता में परिवर्तन होंगे। भूगोल वेत्ता जीसी मिश्रा ने कहा कि उच्च तापमान से जिस स्थान पर, जहां ऊंची जल की सतह है, वहां जल की लवणता बढ़ने की संभावना रहेगी।